जालंधर में बनेगी अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब, एमएसएमई इकाइयों को घर के नजदीक मिलेंगी गुणवत्ता जांच सुविधाएं
जालंधर में बनेगी अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब, एमएसएमई इकाइयों को घर के नजदीक मिलेंगी गुणवत्ता जांच सुविधाएं
ख़बर ख़ास | चंडीगढ़
पंजाब सरकार ने राज्य के खेल सामग्री, फुटवियर और लेदर उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने देश की प्रतिष्ठित संस्था फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) के साथ एक रणनीतिक समझौता (MoU) किया है। इस पहल का उद्देश्य राज्य में कौशल विकास, रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नयन और निर्यात को बढ़ावा देना है।
पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने इस समझौते को राज्य के पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उद्योगों को आधुनिक परीक्षण सुविधाएं, प्रशिक्षित मानव संसाधन, डिजाइन एवं नवाचार सहायता और बेहतर बाजार संपर्क उपलब्ध कराना है, ताकि पंजाब के एमएसएमई उद्यम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन का हिस्सा बन सकें।
इस समझौते के तहत जालंधर में स्पोर्ट्स गुड्स टेस्टिंग एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी स्थापित करने की योजना है। जालंधर देश के प्रमुख खेल सामग्री निर्माण केंद्रों में शामिल है और यह लैब स्थानीय उद्योगों को वैश्विक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पाद विकसित करने में मदद करेगी। इसके अलावा, पंजाब के विभिन्न हिस्सों में फुटवियर और एक्सेसरीज़ टेस्टिंग सैंपल कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
अमन अरोड़ा ने बताया कि इस साझेदारी के तहत एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और मजबूत स्किल डेवलपमेंट फ्रेमवर्क भी विकसित किया जाएगा। इसमें उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया जाएगा। डिजाइन, उत्पाद विकास, गुणवत्ता नियंत्रण, रिटेल और फैशन एक्सेसरीज़ जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह पहल उद्योगों को उत्पाद विकास की प्रक्रिया तेज करने, बड़े ब्रांडों की तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद करेगी। साथ ही उद्यमिता विकास, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, शोध सहयोग और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।
समझौते पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक जसप्रीत सिंह और एफडीडीआई के प्रबंध निदेशक विवेक शर्मा ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान इन्वेस्ट पंजाब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित ढाका भी मौजूद रहे। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव गुरकिरत किरपाल सिंह ने कहा कि यह सहयोग पंजाब के उद्योगों को आधुनिक तकनीक अपनाने, क्षमता निर्माण और वैश्विक बाजार की मांगों के अनुरूप उत्पादन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे राज्य के युवाओं, उद्यमियों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए नए अवसरों के द्वार खुलेंगे।
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