अवैध व्यापार पर शिकंजा कसने के लिए फिल्लौर पुलिस अकादमी में पंजाब पुलिस और फिक्की कैस्केड ने आयोजित किया क्षमता निर्माण कार्यक्रम
अवैध व्यापार पर शिकंजा कसने के लिए फिल्लौर पुलिस अकादमी में पंजाब पुलिस और फिक्की कैस्केड ने आयोजित किया क्षमता निर्माण कार्यक्रम
खबर खास | फिल्लौर
तस्करी और नकली उत्पादों के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई को और मजबूत बनाने के लिए पंजाब पुलिस ने फिक्की कैस्केड (कमेटी अगेंस्ट स्मगलिंग एंड काउंटरफिटिंग एक्टिविटीज डेस्ट्रॉइंग द इकोनॉमी) के सहयोग से एक विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया। महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर में आयोजित इस सेमिनार में राज्यभर से 60 पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की मंशा के अनुरूप संगठित आर्थिक अपराधों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव के निर्देशों पर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों को तस्करी और नकली उत्पादों से जुड़े मामलों की जांच, कानूनी प्रावधानों और कार्रवाई की प्रक्रियाओं संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विशेष पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा) अमरदीप सिंह राय ने कहा कि तस्करी और नकली सामान का कारोबार लगातार जटिल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अवैध गतिविधियां न केवल वैध कारोबार और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं तथा आपराधिक नेटवर्क को बढ़ावा देती हैं।
गृह मामलों के अतिरिक्त सचिव अंकुरजीत सिंह ने आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सक्रिय पुलिसिंग और सख्त प्रवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, जेल विभाग के सचिव मोहम्मद तैयब ने कहा कि कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और आर्थिक अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस की सतर्कता बेहद जरूरी है।
दिल्ली पुलिस के पूर्व विशेष आयुक्त एवं फिक्की कैस्केड के सलाहकार दीप चंद ने तस्करी और नकली उत्पादों के आर्थिक व सामाजिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को ट्रेडमार्क अधिनियम 1999, कॉपीराइट अधिनियम 1957 और भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
आईटीसी के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स) आशीष पॉल ने नकली और तस्करी कर लाए गए सिगरेटों की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान होता है, ब्रांड अधिकारों का उल्लंघन होता है और उपभोक्ताओं का भरोसा कमजोर पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि तस्करी से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कई बार आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण में भी किया जाता है, इसलिए सरकारी एजेंसियों और निजी खुफिया नेटवर्क के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ. ऋषि कुलश्रेष्ठ ने अधिकारियों को जांच के दौरान अपनाई जाने वाली कानूनी और प्रक्रियागत आवश्यकताओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तस्करी और नकली सामान के मामलों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए जांच प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
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