विशेष अभियान के तहत 195 संवेदनशील स्थानों पर कार्रवाई; 39 बच्चों को बचाया गया, 27 को परिवारों से मिलाया गया, अन्य बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू
विशेष अभियान के तहत 195 संवेदनशील स्थानों पर कार्रवाई; 39 बच्चों को बचाया गया, 27 को परिवारों से मिलाया गया, अन्य बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि राज्य सरकार ने बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराने और उनकी सुरक्षा, शिक्षा तथा सम्मान सुनिश्चित करने के लिए परियोजना ‘जीवनजोत’ के तहत अभियान तेज कर दिया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार बच्चों को भिक्षावृत्ति, शोषण और असुरक्षित परिस्थितियों से बचाने तथा उन्हें शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि जिला स्तर पर गठित कार्यबल राज्यभर में परियोजना ‘जीवनजोत’ को प्रभावी ढंग से लागू कर रहे हैं। हाल के दिनों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान अलग-अलग समय पर दिन और शाम के समय 195 चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर 82 छापेमारी अभियान चलाए गए।
इन कार्रवाइयों के दौरान भिक्षावृत्ति में शामिल 39 बच्चों को बचाया गया और उन्हें संबंधित बाल कल्याण समितियों के समक्ष पेश किया गया। दस्तावेजों और परिवार की पहचान का सत्यापन करने के बाद 27 बच्चों को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि शेष 12 बच्चों को सुरक्षित रूप से बाल देखभाल गृहों में रखा गया है।
मंत्री ने कहा कि शेष बच्चों को उनके परिवारों को सौंपने से पहले संबंधित परिवारों के साथ उनके रिश्ते का उचित सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में बच्चों की सुरक्षा और उनके सर्वोत्तम हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि बचाए गए बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए तत्काल पुनर्वास उपाय भी शुरू कर दिए गए हैं। छह बच्चों के स्कूल में दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि अन्य छह बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और समग्र विकास का लाभ मिल सके।
सबसे अधिक बच्चों को तरनतारन से बचाया गया, जहां 10 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया। इसके बाद अमृतसर से नौ, लुधियाना से सात और एसएएस नगर से पांच बच्चों को बचाया गया।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि परियोजना ‘जीवनजोत’ के तहत भिक्षावृत्ति को समाप्त करने और कमजोर वर्ग के बच्चों के अधिकारों तथा भविष्य की रक्षा के लिए सरकार बचाव, कार्रवाई और पुनर्वास संबंधी प्रयासों को लगातार और मजबूत करेगी।
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