कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल और तरुनप्रीत सिंह सोंद ने किया उद्घाटन, 30 गांवों में पहुंचा नहरी पानी; भूजल बचाने की दिशा में पंजाब सरकार का बड़ा कदम
कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल और तरुनप्रीत सिंह सोंद ने किया उद्घाटन, 30 गांवों में पहुंचा नहरी पानी; भूजल बचाने की दिशा में पंजाब सरकार का बड़ा कदम
ख़बर ख़ास | पंजाब
खन्ना विधानसभा क्षेत्र में किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पंजाब सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 70.52 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए प्रमुख सिंचाई प्रोजेक्टों का शुभारंभ किया है। कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल और तरुनप्रीत सिंह सोंद ने भट्टियां गांव में इन परियोजनाओं का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि इन सिंचाई परियोजनाओं के तहत 50.02 करोड़ रुपये की लागत से 68.32 किलोमीटर लंबी नहरों की कंक्रीट लाइनिंग का काम पूरा किया गया है। इसमें खन्ना रजवाहा, बीड़ किशन, लालहेड़ी, बरधाल, कोटला और नारायणगढ़ माइनर जैसी महत्वपूर्ण नहरें शामिल हैं। इसके अलावा 20.50 करोड़ रुपये खर्च कर 23.40 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन भी बिछाई गई है।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से खन्ना क्षेत्र के करीब 30 गांवों में नहरी पानी पहुंच चुका है और अब 37 हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि नहर सिंचाई के दायरे में आ गई है। आने वाले समय में क्षेत्र की बाकी कृषि भूमि को भी नहर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि वर्ष 2022 में खन्ना क्षेत्र में केवल 21,506 एकड़ जमीन को नहरी पानी मिलता था, जो अब बढ़कर 42,079 एकड़ तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने राज्य के नहर सिस्टम को मजबूत करने के लिए 7,572 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसके परिणामस्वरूप अब पंजाब के 86 प्रतिशत नहरी पानी का इस्तेमाल खेतों में हो रहा है, जबकि वर्ष 2022 में यह आंकड़ा केवल 26 प्रतिशत था।
उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद पंजाब में भूजल स्तर में सुधार के संकेत मिले हैं। बिना नई जमीन अधिग्रहण किए और अतिरिक्त खर्च के विभाग ने नहरों की क्षमता में 12,000 क्यूसेक की बढ़ोतरी की है। वर्तमान में राज्य की 1,511 नहरों के माध्यम से करीब 39,000 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है।
कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सोंद ने कहा कि पिछली सरकारों की नीतियों के कारण कई क्षेत्र भूजल संकट के चलते डार्क जोन बन गए थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में नहरी पानी को प्राथमिकता देने से किसानों की ट्यूबवेल पर निर्भरता कम हुई है और बिजली की बचत भी हुई है।
उन्होंने कहा कि अब पंजाब के किसान दिन में लगातार 8 घंटे ट्यूबवेल के लिए बिजली प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उन्हें रात के समय खेतों में जाकर सिंचाई करने की मजबूरी से राहत मिली है। सरकार का लक्ष्य किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराकर कृषि को और मजबूत बनाना है।
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