हत्या के करीब 26 दिन बाद मानसा के पुश्तैनी खेत में हुआ अंतिम संस्कार; बेटे के कातिलों और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पिता भीम सिंह का अनशन जारी
हत्या के करीब 26 दिन बाद मानसा के पुश्तैनी खेत में हुआ अंतिम संस्कार; बेटे के कातिलों और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पिता भीम सिंह का अनशन जारी
खबर खास | मानसा
एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा का आज दिवाली के पावन दिन गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बड़े बेटे और पिता भीम सिंह ने नम आंखों से उनकी चिता को मुखाग्नि दी। हत्या के करीब 26 दिन बीत जाने के बाद आज उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। परविंदर झोटा का पार्थिव शरीर मानसा की चकेरियां रोड स्थित उनके पुश्तैनी खेत में ले जाया गया, जहां बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
इससे पहले, 7 नवंबर को पीजीआई, चंडीगढ़ में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज सुबह 5 बजे उनका शव परिवार को सौंप दिया गया था। चंडीगढ़ से मानसा तक की इस अंतिम यात्रा के दौरान रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर दिवंगत एक्टिविस्ट को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्मशान घाट पर उमड़ी भारी भीड़ की आंखें नम थीं और हर कोई इस दुखद घड़ी में परिवार को ढांढस बंधाता नजर आया।
दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम के बीच परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह पिछले दो दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। उनकी मुख्य मांग है कि पंजाब सरकार उनके बेटे के अंतिम संस्कार से पहले मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी का तुरंत तबादला करे। पिता भीम सिंह का आरोप है कि पुलिस और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और ड्रग्स रोकने में उनकी नाकामी के कारण ही उनके बेटे की जान गई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, वे अन्न का एक भी दाना ग्रहण नहीं करेंगे। इस संवेदनशील मामले को लेकर स्थानीय लोगों और समर्थकों में भी गहरा रोष देखा जा रहा है।
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