ईंधन बचत और सादगी को बढ़ावा देने के लिए कई राज्यों में घटाए गए सरकारी काफिले
ईंधन बचत और सादगी को बढ़ावा देने के लिए कई राज्यों में घटाए गए सरकारी काफिले
खबर खास | नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के घरेलू दौरों के दौरान अपने आधिकारिक काफिले के आकार में उल्लेखनीय कमी की है। यह कदम सादगी अपनाने और राष्ट्रीय संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार एसपीजी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
बताया जा रहा है कि काफिले के आकार में यह कमी हैदराबाद में प्रधानमंत्री के भाषण के तुरंत बाद लागू की गई और इसके बाद गुजरात व असम के दौरों में भी यह देखने को मिली। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जहां संभव हो, उनके काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया जाए, लेकिन इसके लिए नए वाहन खरीदे न जाएं।
अब इस पहल का असर भाजपा शासित राज्यों में भी दिखने लगा है। कई मुख्यमंत्रियों, जैसे दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने भी अपने आधिकारिक काफिलों में वाहनों की संख्या घटाने का फैसला किया है।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपने और राज्य मंत्रियों के काफिलों में 50 प्रतिशत तक की कटौती के निर्देश दिए हैं। बढ़ती ईंधन खपत और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए उन्होंने अनावश्यक वाहनों को हटाने को कहा। साथ ही, उन्होंने नागरिकों से भी ईंधन की बचत, गैर-जरूरी सोने की खरीद से बचने और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील की।
वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि उनके काफिले को 13 वाहनों से घटाकर 8 कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगले आदेश तक आधिकारिक दौरों के दौरान सीमित वाहनों का ही उपयोग किया जाएगा और उनके दौरे पर कोई वाहन रैली साथ नहीं चलेगी।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि काफिले का आकार न्यूनतम रखा जाए और अनावश्यक वाहनों के उपयोग से बचा जाए, ताकि ईंधन की बचत हो और सरकारी खर्च कम किया जा सके।
इन कदमों को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और ईरान से जुड़े चल रहे संघर्ष के कारण बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के बीच संसाधनों के संरक्षण की प्रधानमंत्री मोदी की व्यापक अपील का हिस्सा माना जा रहा है। अपने हालिया संबोधन में प्रधानमंत्री ने नागरिकों से जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने, अनावश्यक यात्रा कम करने, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और आयात पर अत्यधिक निर्भरता से बचने का आग्रह किया।
उन्होंने लोगों को एक वर्ष तक गैर-जरूरी सोने की खरीद और विदेश यात्रा से बचने की भी सलाह दी, ताकि विदेशी मुद्रा भंडार का संरक्षण किया जा सके। इसके अलावा, उन्होंने घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने और शादी जैसे आयोजनों को विदेशों की बजाय भारत में ही करने के लिए भी प्रेरित किया।
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