ईडी का आरोप— मंत्री से जुड़ी कंपनी ने फर्जी GST बिलों और मोबाइल फोन के नकली निर्यात के जरिए ₹100 करोड़ से अधिक की रकम को मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के माध्यम से घुमाया।
ईडी का आरोप— मंत्री से जुड़ी कंपनी ने फर्जी GST बिलों और मोबाइल फोन के नकली निर्यात के जरिए ₹100 करोड़ से अधिक की रकम को मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के माध्यम से घुमाया।
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई अपनी गिरफ्तारी और रिमांड को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अरोड़ा ने ईडी की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राहत की मांग की है। इस मामले पर मंगलवार दोपहर सुनवाई होने की संभावना है।
ईडी ने शनिवार को चंडीगढ़ स्थित अरोड़ा के सरकारी आवास पर छापा मारा था और उसी शाम उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें उसी रात गुरुग्राम की विशेष पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अदालत में पेश किया गया। ईडी की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अरोड़ा को 16 मई तक सात दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया।
यह मामला कथित फर्जी GST बिलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट से जुड़ा है, जिसमें ₹100 करोड़ से अधिक के लेनदेन होने का आरोप है। ईडी के अनुसार, अरोड़ा की कंपनी हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड ने दिल्ली स्थित कई फर्जी फर्मों से मोबाइल फोन खरीदने का दावा किया, जबकि ये कंपनियां केवल कागजों में मौजूद थीं।
जांच एजेंसी का कहना है कि फर्जी बिलों के जरिए गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और GST रिफंड हासिल किए गए। ईडी ने “राउंड-ट्रिपिंग” की आशंका भी जताई है। एजेंसी के मुताबिक मोबाइल फोन के नकली निर्यात को एक माध्यम बनाकर अवैध धन को यूएई जैसे देशों से वापस भारत लाया गया।
ईडी के अनुसार, 5 मई 2026 को दर्ज नई एफआईआर में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और फर्जी सप्लायर्स के साथ कथित मिलीभगत के सबूत शामिल हैं।
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