465 लोक अदालत बेंचों का गठन किया गया 5.07 लाख से अधिक मामलों का निपटारा; 761 करोड़ रुपये के अवार्ड पास किए
465 लोक अदालत बेंचों का गठन किया गया 5.07 लाख से अधिक मामलों का निपटारा; 761 करोड़ रुपये के अवार्ड पास किए
खबर खास, चंडीगढ़:
पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण द्वारा आज पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू की संरक्षण में तथा पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पूरे राज्य में वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गई।
राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के नेतृत्व में आयोजित इस पहल का उद्देश्य विवादों का शीघ्र, कम खर्च में तथा मैत्रीपूर्ण ढंग से निपटारा करना है, ताकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39-ए के अनुसार न्याय तक पहुंच को बढ़ावा दिया जा सके।
लोक अदालत में मुकदमेबाज, न्यायिक अधिकारी, वकील तथा सहयोगी भागीदार शामिल हुए। इस दौरान सिविल, वैवाहिक, संपत्ति, मोटर दुर्घटना दावों, बैंकिंग, बीमा तथा अन्य प्रकार के मामलों सहित कई प्रकार के केसों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। लोक अदालत ने वादकर्ताओं को राहत प्रदान करने के साथ-साथ अदालतों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राज्य के सभी जिलों तथा उप-मंडलों में कुल 465 लोक अदालत बेंचों का गठन किया गया था, जिसमें 5,69,425 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से 5,07,372 मामलों का सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटारा किया गया तथा 761 करोड़ रुपये के अवार्ड पास किए गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से राज्य भर के हजारों मुकदमेबाज थोड़े समय में अपने विवादों का निपटारा करने में सक्षम हुए हैं। इस दौरान एक दशक से अधिक पुराने विवादों सहित लंबित कई मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया, जिससे अदालतों पर लंबित मामलों का बोझ काफी हद तक कम हो गया।
अदालतों को बैंकिंग संस्थाओं, बीमा कंपनियों, सरकारी विभागों तथा आम लोगों से भारी समर्थन मिला, जो लोक अदालतों में लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, बरनाला ने एक भूमि विभाजन संबंधी 17 वर्ष पुरानी सिविल अपील का निपटारा करने में सफलता प्राप्त की। यह मुकदमा वर्ष 2009 में शुरू हुआ था, जिसमें 45,000 रुपये की रिकवरी का मामला था। आज सुखदेव सिंह तथा करनैल सिंह के बीच सहमति हो गई। इस मुकदमे को लोक अदालत के पूर्व के निरंतर प्रयासों के माध्यम से आपसी सहमति से हल किया गया। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति जताई, जिससे लंबे समय से चल रहे मुकदमे का अंत हो गया तथा पक्षों के बीच सद्भावना बहाल हुई तथा अंत में इस राष्ट्रीय लोक अदालत में अपील का निपटारा कर दिया गया।
श्री मुक्तसर साहिब में राष्ट्रीय लोक अदालत बेंच के दौरान जसवीर कौर बनाम गुरशरण सिंह नामक लंबे समय से चल रहे गुजारा भत्ते के विवाद का सुलझाव सुलझा लिया गया। लोक अदालत बेंच के हस्तक्षेप से मामला सुलझा लिया गया तथा याचिकाकर्ता को उसके वैवाहिक घर में पुनः बसाया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत, एसएएस नगर के बेंचों ने कई वैवाहिक विवादों में फंसे परिवारों को एक वैवाहिक विवाद में पुनः मिलाया है। मीनू बिष्ट तथा आशीष बिष्ट के बीच छह वर्षों से अधिक समय से चल रहे वैवाहिक विवाद को राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान पारिवारिक अदालत, एसएएस नगर (मोहाली) में सफलतापूर्वक हल कर लिया गया।
यह केस वास्तव में धारा 125 सीआरपीसी के तहत गुजारा भत्ता की मांग करते हुए 12.03.2019 को दायर किया गया था। कार्यवाही के दौरान, अदालत द्वारा दोनों पक्षों को अपने विवादों को सुलझाने के लिए मनाया गया। पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कई सिविल तथा फौजदारी केस भी दायर किए थे। अंत में, पक्षों ने राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने वैवाहिक संबंधी विवाद का निपटारा कर दिया तथा सभी वैवाहिक संबंधी मुकदमों पर पूर्ण विराम लगा दिया।
जिला अदालतों, एसएएस नगर (मोहाली) में राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान सौरभ उप्पल तथा स्मृति उप्पल के बीच एक अन्य लंबे समय से लंबित वैवाहिक विवाद का सुलझाव सुलझा लिया गया। यह मामला नाबालिग बच्चे के मिलने के अधिकारों संबंधी संरक्षक तथा वार्ड एक्ट के तहत दायर याचिका से संबंधित था। अदालत के हस्तक्षेप तथा कई काउंसलिंग बैठकों के बाद, दोनों पक्ष एक समझौते के लिए सहमत हो गए तथा शांति से साथ रहने का फैसला किया। इस प्रकार लंबे समय से चल रहा विवाद सुलझ गया तथा जोड़ा अपने बच्चे सहित अदालत के परिसर से बाहर चला गया।
इस अवसर पर पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा ने राज्य भर के न्यायिक अधिकारियों, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरणों तथा स्वयंसेवकों के समर्पित प्रयासों की प्रशंसा की, जिनकी सामूहिक प्रतिबद्धता ने इस मेगा कार्यक्रम को सफल बनाया।
पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण ने माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, सभी जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरणों, राज्य न्यायपालिका, बार सदस्यों, पुलिस अधिकारियों तथा सिविल प्रशासन का उनके सहयोग के लिए हृदय से धन्यवाद किया।
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