इस परियोजना के तहत 4.2 किमी लंबा सिग्नल-फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिससे द्वारका एक्सप्रेसवे, एनएच-48 और गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यातायात सुगम बनेगा।