जम्मू की पुलिस लाइन्स में शांतिपूर्ण और संवैधानिक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए राज्य का दर्जा, मनरेगा की सुरक्षा और जेएंडके के लोगों के अधिकारों और सम्मान के लिए मज़बूती से खड़ी रहेगी कांग्रेस
जम्मू की पुलिस लाइन्स में शांतिपूर्ण और संवैधानिक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए राज्य का दर्जा, मनरेगा की सुरक्षा और जेएंडके के लोगों के अधिकारों और सम्मान के लिए मज़बूती से खड़ी रहेगी कांग्रेस
खबर खास, चंडीगढ/जम्मू-कश्मीर-
जम्मू-कश्मीर के सचिव इंचार्ज और विधायक परगट सिंह को मनरेगा बचाओ संग्राम के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जम्मू की पुलिस लाइन्स में शांतिपूर्ण और संवैधानिक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया। परगट सिंह ने हिरासत में जाते हुए कहा - हिरासत से लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाया नहीं जा सकता है। कांग्रेस जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने, मनरेगा की सुरक्षा और जेएंडके के लोगों के अधिकारों और सम्मान के लिए मज़बूती से खड़ी रहेगी।
परगट सिंह ने बताया कि मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत जम्मू-कश्मीर में जम्मू की पुलिस लाइन्स में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। सभी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को आज मनरेगा बचाओ संग्राम और हमारी रियासत, हमारा हक के तहत लोकतांत्रिक मांगें उठाते समय गवर्नर हाउस की तरफ बढ़ रहे थे। इसी दौरान प्रदर्शन के अहिंसक होने के बावजूद, हममें से कई लोगों को ज्वेल चौक पर हिरासत में लिया गया। यह लोकतंत्र की हत्या है। लोकतंत्र की आवाज को दबाने से हम पीछे नहीं हटेंगे।
पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने देश के लाखों गरीब और जरूरतमंद लोगों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी योजना मनरेगा की शुरूआत की थी। लेकिन केंद्र में भाजपा की सरकार ने मनरेगा के तहत राज्यों का शेयर बढ़ा दिया। पहले केंद्र 90 फीसदी ग्रांट देता था, लेकिन भाजपा सरकार ने 90 की जगह ग्रांट 60 फीसदी कर दी और राज्यों को 40 फीसदी शेयर डालने के लिए कह दिया। जिससे राज्यों पर करोड़ों रुपए का खर्च बढ़ जाएगा। यह स्कीम प्रभावित होगी। साथ ही इसका नाम भी बदल दिया गया। इससे लाखों मनरेगा मजदूरों के रोजगार पर असर पड़ रहा है। इस स्कीम में किए गए बदलाव के विरोध में कांग्रेस पूरे देश में आंदोलन चला रही है।
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