प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से नाराज चन्नी ने मोरिंडा में समर्थकों संग की बैठक, 3 विधायक समेत 26 नेता पहुंचे
प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से नाराज चन्नी ने मोरिंडा में समर्थकों संग की बैठक, 3 विधायक समेत 26 नेता पहुंचे
खबरखास । चंडीगढ़
पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर असंतोष अब खुलकर सामने आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनाए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मोरिंडा स्थित अपने आवास पर कांग्रेस नेताओं की इमरजेंसी बैठक बुलाई। बैठक में 3 मौजूदा विधायकों समेत कुल 26 नेता शामिल हुए। माना जा रहा है कि समर्थकों से चर्चा के बाद चन्नी कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं।
बैठक में पहुंचे पूर्व विधायक दर्शन बराड़ ने दावा किया कि यदि चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष नहीं बनाया गया तो पार्टी के लिए 2027 के विधानसभा चुनाव में सरकार बनाना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि घोषणा से पहले चन्नी के नाम पर सहमति बन गई थी, लेकिन अंतिम समय में कांग्रेस हाईकमान ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला कर लिया।
इस बीच पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं। गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान वे भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ के साथ भी नजर आए।
अमित शाह से मुलाकात के बाद रंधावा ने अपने राजनीतिक भविष्य पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की, लेकिन पंजाब कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदरूनी हालात को लेकर सवाल चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वड़िंग से पूछे जाने चाहिए। रंधावा ने कहा कि कई दौर की बैठकों के बावजूद ऐसी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए थी।
कांग्रेस हाईकमान ने फरवरी 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया है। हालांकि इस निर्णय से कई वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी बढ़ गई है और पार्टी के भीतर गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है।
चन्नी की बैठक में विधायक तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, काला ढिल्लों और राणा गुरजीत सिंह के अलावा पूर्व उपमुख्यमंत्री ओ.पी. सोनी, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु, गुरकीरत सिंह कोटली, कई पूर्व विधायक, पूर्व सांसद मोहम्मद सादिक और दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह भी मौजूद रहे। इस व्यापक उपस्थिति ने बैठक के राजनीतिक महत्व को और बढ़ा दिया।
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