तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों से ईरान की यात्रा न करने की अपील की है और पहले से देश में मौजूद नागरिकों को तुरंत उपलब्ध साधनों से वहां से निकलने की सलाह दी है। यह चेतावनी ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के चलते दी गई है, जिससे क्षेत्रीय युद्ध की आशंका और बढ़ गई है।
खबर खास | नई दिल्ली
ईरान और इज़राइल के बीच फिर से शुरू हुआ सैन्य टकराव पश्चिम एशिया को एक बड़े क्षेत्रीय संकट की ओर धकेल रहा है, जिसके चलते भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए उच्च स्तर की चेतावनी जारी की है। भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को तुरंत वहां से सुरक्षित तरीके से निकलने की सलाह दी है।
यह सलाह उस समय आई है जब क्षेत्र में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। मिसाइल हमलों, हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के कारण तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को भी ईरान और इज़राइल के बीच नए हमलों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे नाजुक संघर्षविराम टूटने की आशंका और गहरी हो गई है।
पिछले 24 घंटों में कई शहरों में हमलों की खबरें आई हैं, जहां रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। दूतावास ने अपने बयान में स्थिति को “बेहद संवेदनशील और खतरनाक” बताया है और भारतीय नागरिकों से अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है।
संघर्ष उस समय और तेज हो गया जब रिपोर्टों के अनुसार इज़राइल ने रविवार को दक्षिणी बेरूत में हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल की ओर मिसाइलें दागीं, जिसके बाद लगातार हमलों और जवाबी हमलों का दौर जारी रहा।
क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाते हुए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में इज़राइल से जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जिससे वैश्विक व्यापार और सुरक्षा पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कथित तौर पर कूटनीतिक प्रयास जारी रखे हैं ताकि क्षेत्र में बड़े युद्ध को रोका जा सके। वे विभिन्न देशों के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है कि तनाव को कम किया जाए।
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