ईडी का आरोप है कि सेक्टर-35 स्थित ज्वेलरी फर्म के जरिए कथित अपराध की कमाई को इधर-उधर करने और वैध धन के रूप में दिखाने में राजन सिंह कटोडिया की भूमिका थी; पंचकूला की अदालत ने चार दिन की रिमांड दी।
ईडी का आरोप है कि सेक्टर-35 स्थित ज्वेलरी फर्म के जरिए कथित अपराध की कमाई को इधर-उधर करने और वैध धन के रूप में दिखाने में राजन सिंह कटोडिया की भूमिका थी; पंचकूला की अदालत ने चार दिन की रिमांड दी।
खबर खास | चंडीगढ़
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े कथित 645 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच के दौरान बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी के मुताबिक, चंडीगढ़ के सेक्टर-35 स्थित सावन ज्वेलर्स के बैंक खाते में करीब डेढ़ साल के दौरान लगभग 332 करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि ट्रांसफर की गई।
इस मामले में ईडी ने सावन ज्वेलर्स के पार्टनर राजन सिंह कटोडिया को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के चंडीगढ़ जोनल कार्यालय की टीम ने उन्हें पंचकूला स्थित धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने कटोडिया को चार दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया।
अब एजेंसी उनसे मामले में अन्य लोगों की कथित संलिप्तता और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के संबंध में पूछताछ कर सकती है।
हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के धन को डायवर्ट करने का आरोप
ईडी के अनुसार, सेक्टर-35 स्थित सावन ज्वेलर्स का कामकाज संभालने वाले कटोडिया ने कथित तौर पर मुख्य आरोपी रिभव ऋषि और अन्य लोगों के साथ मिलकर हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों तथा चंडीगढ़ प्रशासन की राशि को डायवर्ट करने की साजिश रची।
जांच के दौरान एजेंसी ने ज्वेलरी फर्म के बैंक खाते में 6 नवंबर 2024 से 22 फरवरी 2026 के बीच लगभग 332 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता लगाया। आरोप है कि यह राशि विभिन्न फर्जी कंपनियों और संस्थाओं के माध्यम से भेजी गई थी।
ईडी का आरोप है कि कटोडिया ने कथित अपराध से प्राप्त रकम को सावन ज्वेलर्स के जरिए आगे भेजने और उसे वैध धन के रूप में दिखाने में मदद की। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि रिभव ऋषि के साथ कथित संबंध बनने के बाद फर्म में आभूषणों की खरीद में तेज वृद्धि हुई।
मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क की जांच जारी
ईडी इस पूरे वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है, ताकि कथित धन शोधन की कड़ियों का पता लगाया जा सके, इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके और सरकारी धन को कथित तौर पर डायवर्ट करने में ज्वेलरी फर्म की भूमिका स्पष्ट हो सके।
करीब 645 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में आगे की जांच जारी है।
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