पराली जलाने के आरोपों पर भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा को घेरा; चीमा ने कहा कि किसानों के खिलाफ मामले दर्ज करने की बार-बार मांग करना भाजपा की किसान विरोधी सोच को दर्शाता है।
पराली जलाने के आरोपों पर भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा को घेरा; चीमा ने कहा कि किसानों के खिलाफ मामले दर्ज करने की बार-बार मांग करना भाजपा की किसान विरोधी सोच को दर्शाता है।
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शनिवार को पराली जलाने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके नेता मनजिंदर सिंह सिरसा के आरोपों की आलोचना की। उन्होंने भाजपा पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सिरसा और पार्टी के अन्य नेताओं की ओर से किसानों के खिलाफ मामले दर्ज करने की बार-बार मांग करना उनकी किसान विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
चीमा ने दावा किया कि पंजाब के किसान उस बड़े पैमाने पर जानबूझकर खेतों में आग नहीं लगा रहे हैं, जैसा आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पिछले कई वर्षों से धान की पराली के प्रबंधन के लिए किसानों को मशीनें उपलब्ध करा रही है, जिससे राज्य में पराली जलाने की घटनाओं को कम करने में मदद मिली है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को फसल अवशेष जलाने के विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान भी चला रही है। उन्होंने कहा कि छिटपुट घटनाओं के आधार पर पूरे राज्य को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
चीमा ने सिरसा को पंजाब के खिलाफ निराधार आरोप लगाने से बचने की सलाह देते हुए भाजपा नेताओं से कहा कि वे दिल्ली से सटे भाजपा शासित राज्यों, खासकर हरियाणा और उत्तर प्रदेश, की स्थिति पर भी ध्यान दें।
बलतेज पन्नू ने भाजपा पर सस्ती राजनीति करने का आरोप लगाया
आप पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने भी भाजपा नेताओं की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि धान की कटाई का मौसम पूरी तरह रफ्तार पकड़ने से पहले ही भाजपा नेता पराली जलाने के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी करने लगे हैं।
पन्नू ने कहा कि हाल में हुई बारिश के कारण पंजाब में धान की कटाई में देरी हुई है और अभी कटाई की प्रक्रिया ने पूरी रफ्तार नहीं पकड़ी है। इसके बावजूद, उनके आरोप के अनुसार, मनजिंदर सिंह सिरसा जैसे नेता पंजाब से दिल्ली तक धुआं पहुंचने का मुद्दा उठाकर एक विशेष धारणा बनाने में जुट गए हैं।
भाजपा पर कटाक्ष करते हुए पन्नू ने सवाल किया कि जब उनके मुताबिक पंजाब में बड़े पैमाने पर पराली जलाना अभी शुरू नहीं हुआ, तो राज्य से दिल्ली तक धुआं कैसे पहुंच रहा है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में पूछा कि क्या यह धुआं हरियाणा से सीधे किसी पाइपलाइन के जरिए दिल्ली पहुंचा है।
पराली जलाने की घटनाओं में कमी का दावा
पन्नू ने आगे दावा किया कि संसद में पेश किए गए आंकड़ों में पिछले साल पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में लगभग 80 प्रतिशत कमी दर्ज होने की बात स्वीकार की गई थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस साल धान की पराली के प्रबंधन को आसान बनाने के लिए किसानों को 800 करोड़ रुपये से अधिक की मशीनें उपलब्ध कराई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में आंकड़ों पर चर्चा होने के बावजूद भाजपा नेता आधिकारिक आंकड़ों पर सवाल उठा रहे हैं। पन्नू ने कहा कि पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए पंजाब की ओर से किए जा रहे प्रयासों को मान्यता दी जानी चाहिए।
पंजाब और किसानों को बदनाम करने से बचे भाजपा: आप
पन्नू ने भाजपा नेताओं से पंजाब को नशे या प्रदूषण के लिए जिम्मेदार राज्य के रूप में पेश करना बंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप राज्य की छवि को अनुचित रूप से नुकसान पहुंचाते हैं।
उन्होंने देश की खाद्य सुरक्षा में पंजाब के किसानों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए राज्य को देश का ‘अन्न भंडार’ कहा। पन्नू के अनुसार, देश के करोड़ों लोगों का पेट भरने वाले किसानों को राजनीतिक आरोपों के बजाय सहयोग और समस्या के समाधान के लिए ठोस प्रयासों की जरूरत है।
आप नेताओं ने कहा कि पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए मशीनों की उपलब्धता, जागरूकता अभियान और फसल अवशेषों का प्रभावी प्रबंधन जरूरी है। साथ ही, उन्होंने भाजपा पर पंजाब के प्रयासों को स्वीकार करने के बजाय इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
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