अल्पसंख्यक आयोग, PMAY-शहरी 2.0 में रियायत, संपत्ति कर सुधार और कुसुम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी समेत कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी
अल्पसंख्यक आयोग, PMAY-शहरी 2.0 में रियायत, संपत्ति कर सुधार और कुसुम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी समेत कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी
खबर खास | चंडीगढ़
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हरियाणा सचिवालय में कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली इस बैठक में 26 एजेंडा प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसे इस साल की सबसे महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठकों में से एक माना जा रहा है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने सबसे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ को बधाई दी और उनकी उपलब्धि को हरियाणा और देश के लिए गर्व का क्षण बताया।
मुख्यमंत्री सैनी ने गुरु रविदास जयंती के अवसर पर हरियाणा के सभी जिलों में कलश यात्राएं आयोजित करने की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल पवित्र कलश लेने के लिए पहले ही वाराणसी पहुंच चुका है। कलश को सबसे पहले गुरुग्राम के शीतला माता मंदिर में स्थापित किया जाएगा। इसके बाद धार्मिक समारोहों के तहत इसे पूरे प्रदेश में ले जाया जाएगा।
कैबिनेट के सबसे अहम फैसलों में से एक अग्निवीरों से संबंधित रहा। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि सेवा पूरी कर चुके पूर्व अग्निवीरों को हरियाणा सरकार की नौकरियों में सीधी भर्ती के दौरान 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले से अग्निपथ योजना के तहत देश की सेवा कर चुके युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
कैबिनेट ने संपत्ति कर के लिए एक नए फॉर्मूले को भी मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार, इससे कर व्यवस्था को सरल बनाया जाएगा और बड़ी संख्या में संपत्ति मालिकों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही हरियाणा सरकार ने हरित परिवहन को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए बड़े प्रोत्साहन की घोषणा की है।
नई EV नीति के तहत 30 लाख रुपये तक कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। वहीं, 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को वाहन कर में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से हरियाणा में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार तेज होगी।
कैबिनेट ने हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग के गठन को भी मंजूरी दी। आयोग में एक अध्यक्ष, पांच गैर-सरकारी सदस्य और एक सचिव शामिल होंगे। आयोग का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। इसे सिविल कोर्ट के समान अधिकार दिए जाएंगे, जिससे यह शिकायतों की जांच कर सकेगा, सरकारी योजनाओं की निगरानी करेगा और अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए सरकार को सिफारिशें दे सकेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) के तहत भी कैबिनेट ने कई रियायतों को मंजूरी दी है। 60 वर्ग मीटर तक के पात्र आवासीय यूनिट खरीदने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लाभार्थियों को स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में राहत मिलेगी। इसके साथ ही आवास को अधिक किफायती बनाने के लिए एक निश्चित शुल्क व्यवस्था लागू की जाएगी।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा सरकार ने रेवाड़ी जिले में कुसुम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी स्थापित करने के लिए विधानसभा में विधेयक लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री सैनी के अनुसार, यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप सकल नामांकन अनुपात (GER) बढ़ाने में मदद करेगा और दक्षिणी हरियाणा के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए अवसर प्रदान करेगा।
कैबिनेट ने मानवाधिकार और पुलिस जवाबदेही से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला भी लिया। पुलिस हिरासत में मौत, यातना, मारपीट, हिरासत में आत्महत्या या ड्यूटी के दौरान लापरवाही के कारण किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके कानूनी उत्तराधिकारी या निकटतम परिजन को 7.5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, प्राकृतिक मृत्यु, बीमारी, हिरासत से फरार होने या प्राकृतिक आपदा से हुई मौत के मामलों में मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण सुधार के तहत कैबिनेट ने आबादी देह (लाल डोरा) क्षेत्रों में संपत्ति के स्वामित्व अधिकारों से संबंधित नए नियमों को मंजूरी दी। इन नियमों के तहत लंबे समय से ऐसी संपत्तियों पर काबिज लोगों को कानूनी स्वामित्व अधिकार मिल सकेंगे। इससे हरियाणा के कई गांवों में दशकों से चले आ रहे संपत्ति विवादों के समाधान की उम्मीद है।
कैबिनेट ने हरियाणा राजस्व पटवारी ग्रुप-C सेवा नियम, 2011 में संशोधन को भी मंजूरी दी। नए नियमों के अनुसार, नव नियुक्त पटवारियों की अनिवार्य प्रशिक्षण अवधि 18 महीने से घटाकर 12 महीने कर दी गई है। इसमें छह महीने का संस्थागत प्रशिक्षण और छह महीने का फील्ड प्रशिक्षण शामिल होगा। महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब प्रशिक्षण के दौरान पटवारी प्रशिक्षुओं को स्टाइपेंड के बजाय नियमित वेतन दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, हरियाणा कैबिनेट के इन फैसलों में रोजगार, अल्पसंख्यक कल्याण, आवास, उच्च शिक्षा, ग्रामीण संपत्ति अधिकार, पुलिस जवाबदेही, कर सुधार और हरित परिवहन जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। हरियाणा सरकार ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य सुशासन को मजबूत करना, जनकल्याण में सुधार करना और राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति देना है।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0