सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षक की पेंशन दोबारा शुरू कराने और 50 से 60 लाख रुपये के बकाया लाभ जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप; पांच सदस्यीय टीम ने रंगे हाथों पकड़ा।
सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षक की पेंशन दोबारा शुरू कराने और 50 से 60 लाख रुपये के बकाया लाभ जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप; पांच सदस्यीय टीम ने रंगे हाथों पकड़ा।
खबर खास | पानीपत
हरियाणा के पानीपत जिले के इसराना में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कोषागार विभाग से जुड़े एक डाटा एंट्री ऑपरेटर को कथित तौर पर 20 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षक के सेवानिवृत्ति लाभ जारी करवाने और पेंशन दोबारा शुरू कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
आरोपी की पहचान सुरेंद्र के रूप में हुई है। वह हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से डाटा एंट्री ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहा था। बुधवार को पांच सदस्यीय एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
यह कार्रवाई इसराना निवासी धर्मपाल शर्मा की शिकायत के बाद की गई। शर्मा स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
शिकायत के अनुसार, शर्मा सेवानिवृत्ति के बाद विभिन्न सरकारी लाभ और बकाया राशि प्राप्त करने के हकदार थे। उन्होंने भुगतान जारी करवाने और अपनी पेंशन दोबारा शुरू कराने के लिए संबंधित कार्यालय में आवेदन किया था। हालांकि, आरोप है कि इस संबंध में बार-बार संपर्क करने के बावजूद उनके काम में लगातार देरी की जा रही थी।
शर्मा ने आरोप लगाया कि सुरेंद्र ने शुरुआत में उनका काम करवाने के बदले 30 हजार रुपये की मांग की थी। बाद में यह राशि घटाकर 20 हजार रुपये कर दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रिश्वत देने से इनकार करने पर उन्हें परेशान किया गया, जिसके बाद उन्होंने एसीबी से शिकायत की।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने प्रारंभिक जांच की और आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई। बुधवार को शर्मा को आरोपी डाटा एंट्री ऑपरेटर को रिश्वत की राशि देने के लिए कहा गया। जैसे ही आरोपी ने कथित तौर पर 20 हजार रुपये स्वीकार किए, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
शर्मा के अनुसार, उन्हें सेवानिवृत्ति लाभ और अन्य सरकारी बकाया के रूप में लगभग 50 लाख से 60 लाख रुपये मिलने थे। आरोप है कि रिश्वत की मांग उनकी पेंशन दोबारा शुरू कराने और लंबित लाभ जारी करवाने की प्रक्रिया से जुड़ी थी।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0