पंजाब कराधान विभाग ने रद्द जीएसटी पंजीकरण से जुड़े फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों का किया खुलासा, लेन-देन और आपूर्ति श्रृंखला की जांच तेज
पंजाब कराधान विभाग ने रद्द जीएसटी पंजीकरण से जुड़े फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों का किया खुलासा, लेन-देन और आपूर्ति श्रृंखला की जांच तेज
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को लगभग 22 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी से जुड़े एक बड़े मामले का खुलासा किया। राज्य कराधान विभाग ने खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई के दौरान मंडी गोबिंदगढ़ स्थित एक फर्म से 9.50 करोड़ रुपये का राज्य माल एवं सेवा कर नकद में वसूल किया है।
चीमा ने बताया कि विभाग ने मैसर्स जगत मेटल्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। विभागीय अधिकारियों ने विस्तृत आंकड़ा विश्लेषण के माध्यम से कंपनी द्वारा की गई अनियमितताओं का पता लगाया। कंपनी ने कथित तौर पर ऐसे आपूर्तिकर्ताओं से जुड़े लेन-देन के आधार पर लगभग 22.53 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया था, जिनका जीएसटी पंजीकरण विभाग द्वारा स्वतः रद्द किया जा चुका था।
मंत्री के अनुसार, जांच के दौरान आपूर्ति श्रृंखला में आगे भी कई संदिग्ध लेन-देन सामने आए। मध्यवर्ती आपूर्तिकर्ताओं ने कथित तौर पर ऐसे व्यापारियों से बड़ी मात्रा में इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त किया था, जिनका पंजीकरण रद्द हो चुका था। इससे इन लेन-देन की वास्तविकता और सामान की वास्तविक आवाजाही को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
खुफिया जानकारी के आधार पर कराधान अधिकारियों ने 7 सितंबर 2026 को मंडी गोबिंदगढ़ स्थित फर्म के परिसर में विस्तृत जांच की। तलाशी देर रात तक जारी रही। इसके बाद संबंधित पक्ष ने 9.50 करोड़ रुपये का राज्य माल एवं सेवा कर नकद जमा किया। चीमा ने बताया कि यह राशि विभाग की कार्रवाई के दौरान बरामद की गई है।
मंत्री ने कहा कि यह वसूली पंजाब की खुफिया जानकारी आधारित कर प्रवर्तन व्यवस्था की प्रभावशीलता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि विभाग संदिग्ध बिलिंग नेटवर्क और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों की पहचान के लिए आंकड़ा विश्लेषण और तकनीक आधारित जांच का तेजी से इस्तेमाल कर रहा है।
चीमा ने कहा कि मामले में शेष राशि की वसूली के लिए जांच जारी है। अधिकारी सामान की वास्तविक प्राप्ति और आवाजाही, कर चालान, ई-वे बिल, वाहनों का रिकॉर्ड, वजन पर्चियां, बैंक लेन-देन और संबंधित लेन-देन से जुड़े पूरे वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि इस मामले में कुल कर चोरी का अनुमान लगभग 22 करोड़ रुपये है और उन्हें विश्वास है कि चल रही कार्रवाई के दौरान बाकी बकाया राशि भी जमा करा दी जाएगी।
भगवंत मान सरकार की कर चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लेन-देन के खिलाफ शून्य-सहनशीलता की नीति दोहराते हुए चीमा ने चेतावनी दी कि कर धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ईमानदारी से कर नियमों का पालन करने वाले करदाताओं को सरकार की ओर से लगातार सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0