स्क्रूटनी फीस, लाइसेंस फीस और इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज में बदलाव को दी मंज़ूरी
स्क्रूटनी फीस, लाइसेंस फीस और इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज में बदलाव को दी मंज़ूरी
खबर खास, चंडीगढ़ :
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। सोमवार को हुई इस बैठक में हरियाणा सरकार ने पूरे राज्य में लाइसेंसी रिहायशी प्लॉट वाली कॉलोनियों में नर्सिंग होम स्थापित करने के लिए एक व्यापक पॉलिसी को मंजूरी प्रदान की। इस पॉलिसी का उद्देश्य रिहायशी इलाकों में मौजूदा हेल्थ केयर की कमियों को दूर करना और यह सुनिश्चित करना है कि निवासियों को उनके घर-द्वार के आस-पास ज़रूरी मेडिकल सेवाएं उपलब्ध हो।
पॉलिसी के तहत, पूरे राज्य में लाइसेंसी कॉलोनियों के रिहायशी प्लॉट पर नर्सिंग होम स्थापित करने की इजाज़त ज़रूरी कन्वर्ज़न चार्ज के भुगतान के बाद ही दी जाएगी। ऐसी इजाज़त सिर्फ़ उन योग्य डॉक्टरों (एलोपैथिक/आयुष) के मालिकाना हक वाले रिहायशी प्लॉट पर दी जाएगी, जिनके पास मेडिकल काउंसिल या आयुष काउंसिल के साथ एक वैध रजिस्ट्रेशन नंबर है, जो अभी प्रैक्टिस कर रहे हैं, और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की स्थानीय ब्रांच में रजिस्टर्ड हैं। आवेदन के साथ उन्हें इस संबंध में एक हलफनामा देना अनिवार्य होगा।
पॉलिसी के नियमों के अनुसार, हाइपर और हाई पोटेंशियल ज़ोन के लिए न्यूनतम प्लॉट का आकार 350 वर्ग गज तय किया गया है, जबकि मीडियम और लो पोटेंशियल ज़ोन के लिए यह 250 वर्ग गज होगा। ऐसी जगहों पर सिर्फ़ सेक्टर या मुख्य सड़कों के किनारे सर्विस रोड पर ही इजाज़त दी जाएगी, और इजाज़त विशेष रूप से लाइसेंसी प्लॉट वाली कॉलोनियों के रिहायशी प्लॉट पर दी जाएगी जहां सभी आंतरिक सेवाएं बिछाई जा चुकी हैं और कंप्लीशन या पार्ट-कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं।
स्क्रूटनी फीस, लाइसेंस फीस और इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज में बदलाव को दी मंज़ूरी
हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन नियम, 1976 तथा हरियाणा अनुसूचित सड़कें तथा नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास प्रतिबंध नियम, 1965 के तहत निर्धारित विभिन्न वैधानिक फीस और शुल्कों में संशोधन के लिए नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के एक प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गई।
कैबिनेट के इस फैसले से दोनों नियमों के संबंधित शेड्यूल में संशोधन का मार्ग प्रशस्त हो गया है ताकि मौजूदा फीस संरचना को वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और शहरी विकास की ज़रूरतों के अनुरूप तर्कसंगत और अद्यतन किया जा सके।
हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन रूल्स 2016 में संशोधन को कैबिनेट ने दी मंज़ूरी
बैठक में हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन रूल्स 2016 में संशोधनों को मंज़ूरी दी गई। अब संयुक्त निदेशक/उप निदेशक, जिला एमएसएमई केंद्र को जिला स्तरीय क्लीयरेंस समिति (डीएलसीसी) के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन एक्ट, 2016 और संबंधित नियम बनाए हैं, ताकि एक ऐसा इकोसिस्टम बनाया जा सके, ताकि राज्य में व्यापार करने में आसानी हो। साथ ही यह अच्छे मानकों के बराबर हो। ऐसा इसलिए किया गया है जिससे राज्य में व्यापार करने में होने वाली किसी भी प्रकार की देरी और लागत को कम किया जा सके।
मौजूदा एमएसएमईज़ और अनधिकृत औद्योगिक क्लस्टर्स को लाभ पहुंचाने हेतु एचईईपी-2020 में संशोधनों को दी मंजूरी
बैठक में हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति (एचईईपी)-2020 तथा इससे संबंधित 16 प्रोत्साहन योजनाओं में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी गई। यह निर्णय राज्य में कार्यरत मौजूदा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमईज) को सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा बजट 2025-26 में की गई घोषणा के अनुरूप है तथा इसका उद्देश्य अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्रों के बाहर संचालित औद्योगिक इकाइयों को लंबे समय से आ रही व्यावहारिक चुनौतियों का समाधान करना है।
कैबिनेट ने हरियाणा ग्रुप डी कर्मचारी (भर्ती और सेवा शर्तें) अधिनियम, 2018 में संशोधनों को मंजूरी दी, ग्रुप डी भर्ती 100% CET अंकों पर आधारित होगी
कैबिनेट की बैठक में हाल के न्यायिक फैसलों के अनुसार हरियाणा ग्रुप डी कर्मचारी (भर्ती और सेवा शर्तें) अधिनियम, 2018 की दूसरी अनुसूची में संशोधनों को मंजूरी दी गई है।
खास बात यह है कि ग्रुप डी कर्मचारियों के चयन में सामाजिक-आर्थिक मानदंडों के लिए 5 प्रतिशत वेटेज का पहले का प्रावधान माननीय सुप्रीम कोर्ट के साथ-साथ माननीय पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने संबंधित मामलों में रद्द कर दिया था। इन फैसलों को देखते हुए और कानूनी निरंतरता सुनिश्चित करने और भविष्य में मुकदमों से बचने के लिए अधिनियम की दूसरी अनुसूची में संशोधन करना आवश्यक हो गया था।
तदनुसार, कैबिनेट ने अधिनियम की धारा 26 के तहत मौजूदा दूसरी अनुसूची को बदलने की मंजूरी दी। संशोधित मानदंड अब यह बताता है कि ग्रुप डी पदों (उन पदों को छोड़कर जहां न्यूनतम योग्यता मैट्रिक से कम है) पर चयन पूरी तरह से कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) पर आधारित होगा, जिसमें सीईटी अंकों को 100 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा।
संशोधित अनुसूची में यह भी बताया गया है कि ग्रुप डी पदों के लिए सीईटी सिलेबस में दो घटक होंगे। इनमें एक , सामान्य जागरूकता, तर्क, कवांटिटेटिवे एबिलिटी, अंग्रेजी, हिंदी और संबंधित विषयों को 75 प्रतिशत वेटेज, और दूसरा हरियाणा से संबंधित विषयों जैसे इतिहास, करंट अफेयर्स, साहित्य, भूगोल, पर्यावरण और संस्कृति को 25 प्रतिशत वेटेज दी जाएगी। प्रश्न पत्र मैट्रिक स्तर के मानक का ही रहेगा।
उन उम्मीदवारों के लिए जिन्होंने 12 जनवरी, 2024 को ग्रुप डी पदों की सीईटी लिखित परीक्षा पहले ही पास कर ली है, जो 11 जनवरी, 2027 तक वैध है, और जो उम्मीदवार निकट भविष्य में पास करेंगे, पिछले उम्मीदवारों द्वारा 95 अधिकतम अंकों में से प्राप्त अंकों को सीईटी पास उम्मीदवारों की संयुक्त मेरिट सूची के उद्देश्य से प्रतिशत में बदला जाएगा।
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