विशेषज्ञ व्याख्यान, नॉलेज क्वेस्ट क्विज़ और भारतीय ज्ञान परंपरा पर मंथन के जरिए विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिला नई शिक्षा नीति का व्यापक दृष्टिकोण
विशेषज्ञ व्याख्यान, नॉलेज क्वेस्ट क्विज़ और भारतीय ज्ञान परंपरा पर मंथन के जरिए विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिला नई शिक्षा नीति का व्यापक दृष्टिकोण
खबर खास | बठिंडा
पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू पंजाब) में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 की छठी वर्षगांठ को उत्साह और अकादमिक गरिमा के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय के एनईपी सारथी प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यानों की श्रृंखला, एनईपी-2020 नॉलेज क्वेस्ट क्विज़ प्रतियोगिता और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों, मूल्यों और भविष्य की दिशा पर व्यापक चर्चा की गई। कार्यक्रम में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर नई शिक्षा नीति के प्रति अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम की शुरुआत 28 जुलाई 2026 को गुरु काशी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एस.के. बावा के प्रेरणादायी व्याख्यान से हुई। उन्होंने "राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उच्च शिक्षण संस्थानों में श्रेष्ठ कार्यप्रणालियाँ" विषय पर नव नियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा केवल कक्षा में व्याख्यान देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि संवाद, सहभागिता और विचार-विमर्श के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, जिज्ञासा और नेतृत्व क्षमता विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के मार्गदर्शक बनकर ऐसा सकारात्मक वातावरण तैयार करने का आह्वान किया, जहाँ छात्र बिना किसी संकोच के अपने विचार रख सकें, प्रश्न पूछ सकें और अपनी गलतियों से सीखते हुए आगे बढ़ सकें।
29 जुलाई को आयोजित दूसरे विशेषज्ञ व्याख्यान में अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. विपन पाल सिंह ने "भारतीय ज्ञान परंपरा एवं स्वदेशी ज्ञानमीमांसा का पुनरुत्थान" विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाकर शिक्षा को अधिक समग्र, मूल्य-आधारित और जीवनोपयोगी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने पंचकोश की अवधारणा, योग तथा श्रीमद्भगवद्गीता के जीवन मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का अंतिम उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण और नैतिक जीवन मूल्यों का विकास करना है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एनईपी-2020 नॉलेज क्वेस्ट क्विज़ प्रतियोगिता रही, जिसमें विद्यार्थियों ने नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों, प्रमुख सुधारों और मार्गदर्शक सिद्धांतों से जुड़े प्रश्नों का उत्साहपूर्वक उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने संवादात्मक, विद्यार्थी-केंद्रित और गतिविधि-आधारित शिक्षण प्रणाली को अपनाने पर जोर देते हुए शिक्षकों से अपने विषय ज्ञान और शिक्षण कौशल को निरंतर अद्यतन रखने का आह्वान किया। उन्होंने बहुविषयक शिक्षा को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों में गहन विषय-ज्ञान के साथ विभिन्न क्षेत्रों की व्यापक समझ विकसित करना ही नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य है। इस दौरान उन्होंने एनआईटी कुरुक्षेत्र में आयोजित एबीएसएस-2026 में "भारतीय भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा" विषय पर ऑनलाइन विशेषज्ञ व्याख्यान भी दिया तथा भारतीय भाषाओं को सांस्कृतिक विरासत और मूल्य-आधारित शिक्षा का सशक्त माध्यम बताया। कार्यक्रम के अंत में एनईपी सारथी की समन्वयक प्रो. मोनिशा धीमान ने सभी वक्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता जताई।
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