हरपाल सिंह चीमा बोले- भर्ती, नियमितीकरण और सेवा मामलों पर जल्द लिए जाएंगे ठोस फैसले, यूनियनों के साथ सरकार का संवाद जारी
हरपाल सिंह चीमा बोले- भर्ती, नियमितीकरण और सेवा मामलों पर जल्द लिए जाएंगे ठोस फैसले, यूनियनों के साथ सरकार का संवाद जारी
ख़बर ख़ास | चंडीगढ़
पंजाब सरकार ने कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। वित्त मंत्री और कर्मचारियों के मुद्दों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट उप-कमेटी के चेयरमैन हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा और बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सेवा संबंधी मामलों और वित्तीय मुद्दों की समीक्षा में तेजी लाई जाए, ताकि जल्द से जल्द ठोस और लागू किए जा सकने वाले प्रस्ताव तैयार किए जा सकें।
हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा विभाग की सात और बिजली विभाग की दो कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों में कर्मचारियों की भर्ती, नियमितीकरण, सेवा शर्तों और अन्य मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने कहा कि भगवंत मान सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों के समाधान के लिए लगातार काम कर रही है और सभी मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
शिक्षा क्षेत्र की यूनियनों के साथ हुई बैठकों में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस भी मौजूद रहे। इस दौरान 3704 अध्यापक यूनियन की मांगों पर चर्चा की गई। वित्त मंत्री ने 9 जुलाई को गठित उच्च स्तरीय समिति को निर्देश दिए कि वह अपनी सिफारिशें जल्द प्रस्तुत करे। इस समिति में वित्त विभाग, कार्मिक विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, महाधिवक्ता कार्यालय के अधिकारी और यूनियन प्रतिनिधि शामिल हैं।
ईटीटी टैट पास टीचर्स एसोसिएशन की वित्तीय मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया गया। वित्त मंत्री ने वित्त और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को यूनियन प्रतिनिधियों के साथ तुरंत बैठक कर समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा यूनाइटेड फिजिकल एजुकेशन यूनियन और पुनर्बहाल कच्चे अध्यापक यूनियन के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की गई। हरपाल सिंह चीमा ने स्कूल शिक्षा विभाग को उनकी जायज मांगों पर तेजी से प्रशासनिक कार्रवाई करने को कहा।
आर्ट एंड क्राफ्ट अध्यापकों के 250 पदों की भर्ती से जुड़े मुद्दे पर वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार इसका प्रभावी समाधान निकालने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है। उन्होंने यूनियन प्रतिनिधियों से एकजुट होकर मांगपत्र सौंपने की अपील की, ताकि सभी मामलों का निष्पक्ष और जल्द समाधान किया जा सके।
बिजली विभाग से जुड़ी बैठकों में पावरकॉम और ट्रांसको के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे विभागीय अनुबंधों के तहत लाने की सरकार की पहल से उनकी कई समस्याओं का समाधान होगा। वहीं, पीएसपीसीएल अधिकारियों को आउटसोर्स स्पॉट बिलिंग मीटर रीडर यूनियन की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए।
बैठकों में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं। वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों से जुड़े सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए समाधान की दिशा में तेजी से कदम उठाए जाएंगे।
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