डीजीपी- आईएसआई समर्थित विदेशी हैंडलरों ने वारदात को अंजाम देने के लिए 2 लाख रुपये के इनाम का किया था वादा बोले, आरोपी अमनप्रीत सिंह ने फेंका था ग्रेनेड, गुरतेज सिंह ने अपने मोबाइल फोन पर वारदात की थी रिकॉर्डिंग
डीजीपी- आईएसआई समर्थित विदेशी हैंडलरों ने वारदात को अंजाम देने के लिए 2 लाख रुपये के इनाम का किया था वादा बोले, आरोपी अमनप्रीत सिंह ने फेंका था ग्रेनेड, गुरतेज सिंह ने अपने मोबाइल फोन पर वारदात की थी रिकॉर्डिंग
खबर खास, चंडीगढ़ :
चंडीगढ़ ग्रेनेड हमले के मामले में कार्रवाई जारी रखते हुए पंजाब पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन और हरियाणा पुलिस की सहायता से दो मुख्य आरोपियों—जिन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय के बाहर हैंड ग्रेनेड फेंका था—को हरियाणा के रेवाड़ी से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो दोनों रूपनगर जिले के रतनगढ़ के निवासी हैं। आरोपी अमनप्रीत सिंह का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है। उसके खिलाफ एसएएस नगर और हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में चोरी और लूट के मामले दर्ज हैं।
यह कार्रवाई इस मामले में शामिल पांच अन्य आरोपियों—बलविंदर लाल उर्फ शमी, जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, रूबल चौहान और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा—की गिरफ्तारी के एक दिन बाद की गई, जिनके पास से एक हैंड ग्रेनेड और एक .30 बोर जिगाना पिस्तौल बरामद की गई थी।
डीजीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इन ताजा गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में शामिल सभी सात आरोपी अब पुलिस हिरासत में हैं। इस दौरान एडीजीपी काउंटर इंटेलिजेंस अमित प्रसाद, एडीजीपी आंतरिक सुरक्षा एस.के. वर्मा, आईजीपी इंटेलिजेंस डॉ. सुखचैन सिंह गिल और एआईजी एसएसओसी एसएएस नगर दीपक पारिक भी मौजूद थे।
डीजीपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को पुर्तगाल स्थित आईएसआई समर्थित विदेशी हैंडलर बलजोत सिंह उर्फ जोत और जर्मनी से हरजीत सिंह लाडी द्वारा 2 लाख रुपये के इनाम का लालच देकर इस हमले को अंजाम देने के लिए उकसाया गया था।
उन्होंने कहा कि विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर आरोपियों ने इस हमले की योजना बनाई और इसे अंजाम देने के लिए कई स्तरों (कटआउट्स और सब-मॉड्यूल) का इस्तेमाल किया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी गुरतेज सिंह ने खुलासा किया कि वह लगभग छह महीने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में आया था। उसके निर्देश पर गुरतेज ने अपने साथियों रूबल चौहान और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा के साथ मिलकर 28 मार्च 2026 को एसबीएस नगर के गांव भरापुर में जसवीर उर्फ जस्सी से हथियार और ग्रेनेड की खेप प्राप्त की थी और बाद में अमनप्रीत सिंह को साथ लेकर वारदात को अंजाम दिया।
डीजीपी के अनुसार, 1 अप्रैल को रेकी करने के बाद अमनप्रीत सिंह ने ग्रेनेड फेंका, जबकि गुरतेज सिंह ने हैंडलर के निर्देशानुसार इस पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया। इसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
डीजीपी ने चंडीगढ़ और हरियाणा के डीजीपी का धन्यवाद करते हुए इस पूरे मामले का पर्दाफाश करने और आरोपियों को पकड़ने में चंडीगढ़ पुलिस और हरियाणा पुलिस की एसटीएफ की अहम भूमिका की सराहना की।
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