पंजाब के मुख्यमंत्री ने श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा दोहराते हुए कहा कि कुछ स्वार्थी तत्व झूठे प्रचार के जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा दोहराते हुए कहा कि कुछ स्वार्थी तत्व झूठे प्रचार के जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को उनसे जुड़े बताए जा रहे एक वीडियो को सिरे से खारिज करते हुए उसे फर्जी करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह राजनीतिक रूप से प्रेरित साजिश है, जिसका उद्देश्य उनकी छवि को धूमिल करना और उनकी सरकार की जनहितैषी पहलों को बाधित करना है। मान ने कहा कि इस अभियान के पीछे शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के नेता सुखबीर सिंह बादल का हाथ है।
मुख्यमंत्री ने इस विवाद को एक सुनियोजित बदनाम करने का अभियान बताते हुए कहा कि राजनीतिक प्रभाव में काम कर रहे कुछ लोगों का इस्तेमाल उनके खिलाफ झूठा प्रचार फैलाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार द्वारा बेअदबी विरोधी सख्त कानून लाने और पंजाब के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण फैसले लेने के बाद यह अभियान और तेज हुआ है।
भगवंत मान ने कहा कि वह श्री अकाल तख्त साहिब का सर्वोच्च सम्मान करते हैं और उसकी मर्यादा तथा अधिकार के प्रति पूरी श्रद्धा रखते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के पानी, जवानी, किसानी और बाणी की रक्षा के लिए वह आगे भी निडर होकर फैसले लेते रहेंगे, चाहे उन्हें बदनाम करने की कितनी भी कोशिश क्यों न की जाए।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष पर अकाली दल के प्रचारक की तरह काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब केवल यही बाकी रह गया है कि पंथ की रक्षा के नाम पर लोगों से सुखबीर बादल को वोट देने की अपील कर दी जाए।
दुनिया भर के पंजाबियों को संबोधित करते हुए जारी एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विवादित वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति वह नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह पहले ही श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को अपनी बात बता चुके हैं। मान ने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की शक्ल-सूरत और शारीरिक बनावट उनसे मेल नहीं खाती और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए झूठा प्रचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें यह देखकर आश्चर्य होता है कि ऊंचे धार्मिक पदों पर बैठे कुछ लोग राजनीतिक एजेंडों का माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह अभियान उन लोगों द्वारा चलाया जा रहा है जो पंजाब के जल संसाधनों, युवाओं, किसानों और धार्मिक विरासत की रक्षा के लिए उनकी सरकार द्वारा लिए गए फैसलों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
मान ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर धर्म का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि वह हमेशा से श्री अकाल तख्त साहिब को सिख समुदाय की सर्वोच्च संस्था मानते आए हैं और न तो वह स्वयं और न ही उनके परिवार की कोई पीढ़ी कभी इसकी सर्वोच्चता को चुनौती देने की कल्पना कर सकती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्वार्थी तत्व सरकार के बेअदबी विरोधी कानून को मिले जनसमर्थन से असहज हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले बेअदबी के खिलाफ कानून बनाने की मांग करते थे, वही अब कानून लागू होने के बाद सरकार के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।
मान ने कहा कि सिख संगत अच्छी तरह जानती है कि अतीत में किस तरह फैसले लिए गए थे और वह उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं। उन्होंने अंत में कहा कि पंजाब उनके जीवन का केंद्र है और वह राज्य तथा उसके लोगों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।
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