पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने “सांप्रदायिक पार्टियों” पर धर्म के नाम पर लोगों को बांटकर वोट लेने की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि पंजाब की एकता और भाईचारे को टूटने नहीं दिया जाएगा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने “सांप्रदायिक पार्टियों” पर धर्म के नाम पर लोगों को बांटकर वोट लेने की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि पंजाब की एकता और भाईचारे को टूटने नहीं दिया जाएगा।
खबर खास | जालंधर
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी जारी “शुक्राना यात्रा” के दौरान बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाजनकारी राजनीति के जरिए पंजाब में तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है। मान ने कहा कि सांप्रदायिक पार्टियां धर्म के नाम पर लोगों को बांटकर वोट हासिल करना चाहती हैं और जालंधर व अमृतसर में हाल ही में हुए छोटे धमाकों की घटनाएं “पंजाब में बीजेपी की एंट्री के संकेत” हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी पार्टियां हिंदू-सिखों के बीच टकराव पैदा करने की कोशिश करती हैं, लेकिन पंजाब के लोग एकता और भाईचारे में विश्वास रखते हैं। मान ने आरोप लगाया कि जहां भी ऐसी ताकतों का प्रभाव बढ़ता है, वहां अशांति और सामाजिक विभाजन फैलता है।
मुख्यमंत्री ने हालांकि स्पष्ट किया कि “शुक्राना यात्रा” का किसी राजनीतिक एजेंडे से संबंध नहीं है, बल्कि यह गुरु साहिब के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए निकाली जा रही है। मान के अनुसार, पंजाब सरकार के लिए बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ सख्त कानून लागू करना एक बड़ी जिम्मेदारी थी, जिसकी लंबे समय से समाज मांग कर रहा था।
मान ने कहा कि उनकी सरकार ने “जगत ज्योत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026” लागू किया है, जिसमें बेअदबी के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान करने का दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी, जिसमें उम्रकैद तक की सजा शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी की घटनाएं पंजाब की शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की बड़ी साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस कानून का उद्देश्य डर फैलाना नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकना और धार्मिक भावनाओं की रक्षा करना है।
मान ने कहा कि यह कानून राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि जनता की भावनाओं और लंबे समय से चली आ रही सामाजिक मांग के आधार पर लाया गया है। उन्होंने विपक्षी दलों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जो दल आज इस कानून का विरोध कर रहे हैं, उन्होंने पहले ऐसी घटनाओं को गंभीरता से नहीं लिया।
खुद को गुरु साहिब द्वारा जिम्मेदारी सौंपी गई “सेवक” बताते हुए मान ने कहा कि वह खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें यह ऐतिहासिक कानून लागू करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि “शुक्राना यात्रा” के दौरान वह तख्त श्री केसगढ़ साहिब, अकाल तख्त और तख्त श्री दमदमा साहिब सहित कई पवित्र सिख स्थलों पर जाएंगे।
मान के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य गुरु साहिब के प्रति आभार व्यक्त करना और पूरे पंजाब में शांति, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है।
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