बोले- E-20 पेट्रोल के विरोध में 2.33 लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन याचिका पर किए हस्ताक्षर
बोले- E-20 पेट्रोल के विरोध में 2.33 लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन याचिका पर किए हस्ताक्षर
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि वह मंगलवार को E-20 पेट्रोल के विरोध में जनता की ओर से हस्ताक्षरित याचिकाएं लेकर प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करेंगे।
सोमवार को AAP मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वह दोपहर 12 बजे पार्टी कार्यालय से 100 समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर पैदल मार्च करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेंगे और उनकी चिंताओं को सुनेंगे।
केजरीवाल ने दावा किया कि E-20 पेट्रोल के विरोध में प्रधानमंत्री के नाम शुरू की गई ऑनलाइन याचिका पर महज कुछ दिनों में 2,33,238 लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने एक महीने पहले प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।
AAP प्रमुख ने आरोप लगाया कि देशभर के लोग एथेनॉल मिश्रित ईंधन (E-20) की नीति को लेकर चिंतित हैं और केंद्र सरकार जनता के सवालों का जवाब दिए बिना इस नीति को लागू कर रही है।
उन्होंने कहा कि कई वाहन मालिकों की शिकायत है कि E-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों की माइलेज कम हो रही है और इंजन संबंधी दिक्कतें सामने आ रही हैं। इसके बावजूद सरकार इस नीति को आगे बढ़ा रही है।
केजरीवाल ने सवाल उठाया कि क्या केंद्र सरकार अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत को अगले पांच वर्षों में 20 अरब डॉलर मूल्य का एथेनॉल आयात करने के लिए मजबूर किया जा सकता है। उनके अनुसार इससे देश पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ेगा और वाहन मालिकों पर भी अतिरिक्त असर होगा।
पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री ने शनिवार को आयोजित AAP के E-20 विरोधी टाउन हॉल कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे बेहद सफल बताते हुए दावा किया कि इस कार्यक्रम को लगभग 7 लाख लोगों ने ऑनलाइन लाइव देखा, जो इस मुद्दे को लेकर जनता की चिंता को दर्शाता है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि E-20 के खिलाफ आवाज उठाने वाले इन्फ्लुएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और आम नागरिकों को ट्रोल किया जा रहा है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कराने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे भय का माहौल बनाया जा रहा है।
उन्होंने दोहराया कि मंगलवार का यह मार्च प्रधानमंत्री को जनता की याचिका व्यक्तिगत रूप से सौंपने और E-20 नीति से आम लोगों पर पड़ रहे प्रभावों पर चर्चा करने के उद्देश्य से निकाला जा रहा है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से जनता की चिंताओं को सुनकर इस नीति पर पुनर्विचार करने की अपील की।
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