एकमात्र जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार रमेश ने कहा— प्रभावित परिवारों को यह जानने का अधिकार है कि 12 जून 2025 को आखिर हुआ क्या था
एकमात्र जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार रमेश ने कहा— प्रभावित परिवारों को यह जानने का अधिकार है कि 12 जून 2025 को आखिर हुआ क्या था
ख़बर ख़ास | देश
अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसे को शुक्रवार को एक वर्ष पूरा हो गया, लेकिन इस त्रासदी से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। 12 जून 2025 को लंदन जा रही एअर इंडिया की उड़ान संख्या एआई-171 अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद मेघानीनगर क्षेत्र स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में विमान में सवार 241 लोगों समेत कुल 260 लोगों की जान चली गई थी, जबकि एक यात्री विश्वास कुमार रमेश चमत्कारिक रूप से जीवित बच गए थे।
हादसे की पहली बरसी पर पीड़ित परिवारों ने एक बार फिर दुर्घटना के वास्तविक कारणों को सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। दुर्घटना में अपने भाई को खोने वाले विश्वास कुमार रमेश ने कहा कि कोई भी जांच रिपोर्ट उनके भाई या अन्य मृतकों को वापस नहीं ला सकती, लेकिन प्रभावित परिवारों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उस दिन आखिर क्या हुआ था।
रमेश ने कहा कि हादसे की यादें आज भी उनका पीछा नहीं छोड़तीं। उन्होंने बताया कि आंखें बंद करते ही उन्हें आग की लपटें, चीख-पुकार और दुर्घटना का भयावह दृश्य याद आ जाता है। उनके अनुसार, वह शारीरिक रूप से तो बच गए, लेकिन मानसिक आघात आज भी बना हुआ है।
हादसे के 30 दिन बाद जारी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में बताया गया था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों फ्यूल स्विच ‘कट-ऑफ’ स्थिति में पहुंच गए थे, जिससे इंजनों को ईंधन की आपूर्ति रुक गई। हालांकि यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि ऐसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या फिर किसी मानवीय त्रुटि की वजह से।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्हें केवल मुआवजा नहीं, बल्कि ईमानदार और पारदर्शी जांच चाहिए। उनका मानना है कि इस भीषण दुर्घटना की जवाबदेही तय होना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल सभी की निगाहें अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है।
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