संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के तहत संत शिरोमणि श्री गुरु लाधुनाथ जी महाराज को किया नमन नायक समाज ने सदियों से बनाए रखी अपनी पहचान और संस्कृति: सैनी
संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के तहत संत शिरोमणि श्री गुरु लाधुनाथ जी महाराज को किया नमन नायक समाज ने सदियों से बनाए रखी अपनी पहचान और संस्कृति: सैनी
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नायक समाज सदियों से मेहनत, ईमानदारी और सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा हैं। इस समाज ने हर कठिन परिस्थिति में अपनी पहचान और संस्कृति को बनाए रखा है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर पर संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के अंतर्गत आयोजित संत शिरोमणि श्री गुरु लाधुनाथ जी महाराज के जयंती समारोह पर संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान संत शिरोमणि श्री लाधुनाथ महाराज जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन भी किया। इस दौरान उनके साथ जनस्वास्थ्य आभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में पहुंचने पर मुख्यमंत्री को नायक समाज के प्रबुद्ध लोगों ने पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिन्ह् भेंट कर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को नवरात्रों तथा संत लाधुनाथ महाराज जी की जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री लाधुनाथ महाराज जी की जयंती हमारे सांस्कृतिक मूल्यों,आध्यात्मिक विरासत और सामाजिक एकता का उत्सव है। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वे एक ऐसे प्रकाश स्तंभ थे, जिन्होंने समाज को सत्य, सेवा और समर्पण का मार्ग दिखाया। उन्होंने अपने पूरे जीवन में मानवता की सेवा को ही अपना धर्म माना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत लाधुनाथ महाराज जी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों, भेदभाव और अज्ञानता को दूर करने के लिए अथक प्रयास किए। उनका मानना था कि 'मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है।' वे जीव हत्या के घोर विरोधी थे, उन्होंने लोगों को जीव हत्या न करने का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत लाघुनाथ महाराज जी ने 47 वर्ष की आयु में बीकानेर जिले के मसूरी गांव में समाधि ली। वे आज भी समाज की चेतना में जीवित हैं। इस गांव में हर साल उनकी याद में लगने वाला मेला लोगों में उनके प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। यह मेला राजस्थान का तीसरा सबसे बड़ा मेला है।
सैनी ने कहा कि नायक समाज का बड़ा गौरवशाली इतिहास है। इस समाज का इतिहास वीरता, त्याग और संघर्ष से भरा है। इन्होंने आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ होने वाले संघर्षों में बढ़चढ़ कर भाग लिया।
निमाड़ के आदिवासी योद्धा भीमा नायक, कोल विद्रोह के नेता बुधु भगत और दक्षिण भारत में विजयनगर साम्राज्य के योद्धा नरसा नायक की वीरता की कहानियां आज लोक कथाओं के रूप में प्रचलित हैं। हरियाणा में सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, हांसी की कई क्रांतिकारी घटनाओं में नायक समाज के सक्रिय योगदान के प्रमाण मिलते हैं। नायक समाज बधाई के पात्र हैं कि वे संत लाधुनाथ महाराज जी की वाणियों को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
संत लाधुनाथ ने दिखाया सच्चा रास्ता:
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत लाधुनाथ जी जैसे संत-महात्माओं, ऋषि-मुनियों, पीर-पैगम्बरों व गुरुओं ने भूली-भटकी मानवता को जीवन का सच्चा रास्ता दिखाया है। ऐसी महान विभूतियों की शिक्षाएं पूरे मानव समाज की धरोहर हैं। उनकी विरासत को सम्भालने व सहेजने की जिम्मेदारी हम सबकी है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि सभी संकल्प लें कि हम सेवा, समर्पण और सद्भावना के मार्ग पर चलेंगे और अपने प्रदेश हरियाणा को देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाएंगे।
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