कंपनी के पार्टनर ऐप से टैक्स रिटर्न फाइलिंग की सुविधा, एक-तिहाई से ज्यादा वर्कर्स ने पहली बार दाखिल किया ITR
कंपनी के पार्टनर ऐप से टैक्स रिटर्न फाइलिंग की सुविधा, एक-तिहाई से ज्यादा वर्कर्स ने पहली बार दाखिल किया ITR
देशभर में स्विगी के 50 हजार से ज्यादा डिलीवरी वर्कर्स ने कंपनी के पार्टनर ऐप के जरिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल किया है। इन वर्कर्स ने कुल 6.5 करोड़ रुपये के टैक्स रिफंड का दावा किया है। खास बात यह है कि इनमें एक-तिहाई से ज्यादा डिलीवरी वर्कर्स ऐसे हैं, जिन्होंने पहली बार अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किया है। यह सुविधा स्विगी के फूड डिलीवरी बिजनेस के साथ-साथ क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म इंस्टामार्ट से जुड़े डिलीवरी वर्कर्स के लिए भी उपलब्ध कराई गई थी।
स्विगी के मुताबिक डिलीवरी वर्कर्स ने इस सुविधा का इस्तेमाल वित्त वर्ष के दौरान उनकी कमाई से काटे गए TDS यानी स्रोत पर कर कटौती का रिफंड हासिल करने के लिए किया। यदि किसी व्यक्ति की कमाई से काटा गया टैक्स उसकी वास्तविक टैक्स देनदारी से अधिक होता है, तो वह इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करके अतिरिक्त राशि का रिफंड मांग सकता है।
कंपनी का कहना है कि ITR दाखिल करने से सिर्फ टैक्स रिफंड हासिल करने में ही मदद नहीं मिलती, बल्कि यह वर्कर्स की आय का औपचारिक रिकॉर्ड भी तैयार करता है। यह रिकॉर्ड भविष्य में बैंक लोन लेने, क्रेडिट कार्ड जैसी वित्तीय सुविधाएं हासिल करने या घर किराए पर लेने के दौरान आय के प्रमाण के तौर पर काम आ सकता है।
स्विगी ने अपने डिलीवरी पार्टनर ऐप के जरिए ITR फाइलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए टैक्स फाइलिंग प्लेटफॉर्म ClearTax, TaxBuddy और Dvara Money के साथ साझेदारी की थी। इस पहल के जरिए कंपनी का लक्ष्य डिलीवरी पार्टनर्स को टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया आसान बनाने के साथ उनकी औपचारिक वित्तीय पहचान मजबूत करने में मदद करना है।
स्विगी के फूड मार्केटप्लेस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर सौरव गोयल ने कहा कि डिलीवरी पार्टनर्स के लिए लंबे समय की वित्तीय स्थिरता का एक अहम हिस्सा उनकी पहचान योग्य वित्तीय प्रोफाइल तैयार करना है। उनके मुताबिक, ITR फाइल करने से डिलीवरी वर्कर्स के पास आय का औपचारिक रिकॉर्ड बनता है, जिससे उन्हें आगे चलकर विभिन्न वित्तीय सेवाओं तक पहुंच हासिल करने में मदद मिल सकती है।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0