मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित, कुल्लू और चंबा में भी हालात गंभीर; मानसून सीजन में अब तक 177 लोगों की मौत और 95,552 लाख रुपये से अधिक का नुकसान
मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित, कुल्लू और चंबा में भी हालात गंभीर; मानसून सीजन में अब तक 177 लोगों की मौत और 95,552 लाख रुपये से अधिक का नुकसान
हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के चलते राज्य में 140 सड़कें बंद हैं, जबकि 46 बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। इसके अलावा 244 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की शुक्रवार सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।
एक दिन पहले शाम की रिपोर्ट में 136 सड़कें बंद, नौ बिजली ट्रांसफार्मर बाधित और 242 पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने की जानकारी थी। ऐसे में सुबह तक सड़क और पेयजल व्यवस्था पर बारिश का असर और बढ़ गया।
बारिश का सबसे ज्यादा प्रभाव मंडी जिले में देखने को मिला है, जहां 52 सड़कें बंद हैं। इनमें सराज की 35, थलौट की सात, पधर की पांच और सुंदरनगर, जोगिंदरनगर व धर्मपुर की एक-एक सड़क शामिल है। सरकाघाट में भी दो सड़कें बंद हैं। जिले में बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ा है और 212 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर प्रभावित बताए गए हैं।
मंडी के बाद कुल्लू में 37 सड़कें बंद हैं। बंजार में 15, कुल्लू में आठ, आनी में छह और निरमंड में आठ सड़कें प्रभावित हैं। जिले में बंजार के दो और मनाली का एक बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हुआ है।
चंबा जिले में बारिश और भूस्खलन के कारण 29 सड़कें बंद हैं। चंबा उपमंडल में चार, डलहौजी में एक, तीसा में आठ, भरमौर में दो, सलूणी में चार, पांगी में एक और भटियात में नौ सड़कें प्रभावित हैं। यहां छह ट्रांसफार्मर और 16 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
शिमला जिले में चार सड़कें बंद हैं। ठियोग, रामपुर और सुन्नी में एक-एक सड़क प्रभावित हुई है। सिरमौर में छह सड़कें बंद हैं, जिनमें नाहन की तीन, संगड़ाह की तीन और राजगढ़ की एक सड़क शामिल है। सिरमौर में 35 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। ऊना में भी चार सड़कें बंद हैं, जिनमें ऊना उपमंडल और गगरेट की दो-दो सड़कें शामिल हैं।
मानसून सीजन के दौरान 30 जून से 13 अगस्त तक प्रदेश में आपदा से 177 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 271 लोग घायल हुए हैं। इस दौरान 708 पशुओं की भी जान गई है। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, मानसून से अब तक हिमाचल प्रदेश को कुल 95,552.23 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
आपदा से हुई मौतों के मामले में चंबा में 25, कुल्लू और सिरमौर में 23-23, कांगड़ा और शिमला में 22-22 मौतें दर्ज की गई हैं। मंडी, सोलन और ऊना में 10-10 लोगों की जान गई है।
मानसून के दौरान सड़क हादसे भी लोगों के लिए जानलेवा साबित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में अब तक 100 लोगों की मौत हुई है। इनमें चंबा और सिरमौर में 16-16, कुल्लू में 14, कांगड़ा में 10 और शिमला में 11 मौतें शामिल हैं।
वहीं, ऊना में श्रावण अष्टमी मेले को देखते हुए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। प्रशासन के अनुसार 21 अगस्त तक मुबारकपुर से देहरा और अन्य गंतव्यों की ओर जाने वाले सभी भारी मोटर वाहनों को अंब-कालोहा मार्ग से भेजा जाएगा। लगातार बारिश के बीच प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित सड़कों, बिजली और पेयजल सेवाओं को बहाल करने में जुटे हुए हैं।
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