सीएम आवास की ओर बढ़ रहीं महिला कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका, टकराव के बाद सड़क पर बैठा प्रदर्शनकारी महिलाएं
सीएम आवास की ओर बढ़ रहीं महिला कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका, टकराव के बाद सड़क पर बैठा प्रदर्शनकारी महिलाएं
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर लगाए गए कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर शिरोमणि अकाली दल की महिला इकाई ने शनिवार को चंडीगढ़ में जोरदार रोष प्रदर्शन किया। सांसद हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अकाली महिला कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग कर भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी।
मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। हंगामे के बीच पुलिस ने सांसद हरसिमरत कौर बादल को हिरासत में ले लिया। इसके बाद महिला कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
अकाली दल का आरोप है कि मुख्यमंत्री की पत्नी पर पांच करोड़ रुपये मांगने से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं और इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी लगातार इस मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साध रही है। हालांकि, इन आरोपों की अभी जांच होनी बाकी है और अदालत में इन्हें साबित नहीं किया गया है।
इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी NHRC ने भी संज्ञान लिया है। आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से मामले की जांच कर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। अकाली दल का कहना है कि एनएचआरसी के हस्तक्षेप के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारे लगाती रहीं। पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने से रोकने के लिए कई जगह बैरिकेड लगाए थे। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने की कोशिश और पुलिस के रोकने के कारण मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
हरसिमरत कौर बादल इससे पहले भी इस मामले को लेकर पंजाब सरकार पर हमला बोल चुकी हैं। उन्होंने एनएचआरसी के संज्ञान का हवाला देते हुए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी।
वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता परनीत कौर ने भी इस मामले को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि सत्ता में बैठे लोगों पर लगे आरोपों को महज राजनीतिक मामला बताकर खारिज करने के बजाय जांच एजेंसियों को पूरी सच्चाई सामने लानी चाहिए।
शनिवार के इस प्रदर्शन के दौरान चंडीगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए टकराव तथा हरसिमरत कौर बादल की हिरासत के बाद यह मुद्दा एक बार फिर पंजाब की सियासत में गरमा गया है।
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January 18, 2026
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