आदिवासी बच्चों की मौत के मुद्दे पर पूछे तीखे सवाल, वायरल वीडियो में नजर आया पूरा घटनाक्रम
आदिवासी बच्चों की मौत के मुद्दे पर पूछे तीखे सवाल, वायरल वीडियो में नजर आया पूरा घटनाक्रम
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी इलाकों के दौरे पर पहुंचे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जैसे दिखने वाले लोगों के एक समूह ने घेर लिया। समूह ने उनसे इलाके में संक्रामक बीमारियों के कारण कथित तौर पर आदिवासी बच्चों की मौत के मुद्दे पर सवाल किए और पूछा कि क्या वह इस मामले में 'राजनीति' करने पहुंचे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दिपके सवालों से घिरे नजर आए। उन्हें इलाके में देर से पहुंचने के लिए माफी मांगते हुए भी सुना जा सकता है। स्थिति बिगड़ने के बाद उनके साथ मौजूद CJP कार्यकर्ताओं ने उन्हें दूसरी गाड़ी में बैठाया और वहां से रवाना कर दिया। उनके जाने के बाद महिला इन्फ्लुएंसर को यह कहते हुए सुना गया कि 'वह भाग गए।'
दरअसल, दिपके शनिवार को बालाघाट के अडोरी, कोरका और बोंडारी गांव पहुंचे थे। वह उन आदिवासी बच्चों के परिवारों से मिलने गए थे, जिनकी कथित तौर पर संक्रामक बीमारियों के कारण मौत हुई है। इसके साथ ही वह इलाके की स्वास्थ्य सुविधाओं और स्थानीय हालात की जानकारी लेने पहुंचे थे।
वायरल वीडियो में एक महिला इन्फ्लुएंसर दिपके की कार के पास पहुंचकर उनके सामने माइक करती दिखाई देती है। महिला ने सवाल किया कि क्या वह 'लाशों पर राजनीति करने' आए हैं और इलाके में इतनी देर से पहुंचने की वजह पूछी। इस दौरान दिपके अपनी देरी के लिए माफी मांगते सुनाई दिए।
महिला ने इलाके की सड़क व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यहां अच्छी सड़क बनी हुई है, क्या यह उन्हें दिखाई नहीं दे रही। इसके बाद मौके पर माहौल गर्म हो गया और CJP कार्यकर्ताओं ने दिपके को दूसरी कार में बैठाकर वहां से निकाल दिया।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इलाके में 30 से अधिक बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बालाघाट कलेक्टर सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान हुई, जिसमें बच्चों को उचित इलाज नहीं मिलने का आरोप लगाया गया था।
याचिका में यह भी दावा किया गया था कि 50 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में करीब 400 बच्चों का इलाज किया जा रहा था। याचिकाकर्ता की रिपोर्ट में इलाके में अत्यधिक गंदगी होने का आरोप लगाते हुए दावा किया गया कि इन परिस्थितियों के कारण संक्रमण फैल रहा है और बच्चे गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
वहीं, स्थानीय पत्रकारों ने दूर-दराज के आदिवासी गांव में बाहर से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों के समूह के पहुंचने पर हैरानी जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस समूह को CJP फाउंडर के दौरे में बाधा डालने के लिए भेजा गया था। हालांकि, इस संबंध में किसी के द्वारा आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की गई है।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0