कहा, अवसर और विश्वास मिले तो हर व्यक्ति असाधारण बन सकता है दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए हरियाणा में बनेगा विशेष स्टेडियम, सीएम ने की घोषणा मुख्यमंत्री ने रोहतक में राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के शुभारंभ कार्यक्रम में की शिरकत
कहा, अवसर और विश्वास मिले तो हर व्यक्ति असाधारण बन सकता है दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए हरियाणा में बनेगा विशेष स्टेडियम, सीएम ने की घोषणा मुख्यमंत्री ने रोहतक में राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के शुभारंभ कार्यक्रम में की शिरकत
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्पेशल ओलंपिक में शामिल होने वाले खिलाड़ी चुनौतियों को पार करते हुए यह संदेश दे रहे है कि यदि अवसर, प्रशिक्षण और विश्वास मिले, तो हर व्यक्ति असाधारण बन सकता है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में स्पेशल ओलंपिक भारत राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के शुभारंभ पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस चैम्पियनशिप में 26 राज्यों से 500 से अधिक खिलाड़ी, उनके कोच और सहयोगी भाग ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान घोषणा की है कि दिव्यांग खिलाड़ियों की सुविधा के लिए प्रदेश में एक दिव्यांग स्टेडियम बनाया जाएगा। इस स्टेडियम में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए आवासीय सुविधा भी होगी। वहीं, मुख्यमंत्री ने स्पेशल ओलंपिक भारत को 31 लाख रुपये तथा खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने 21 लाख रुपये अनुदान देने की घोषणा भी की।
इससे पहले सैनी ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक के अभिलाषा कन्या छात्रावास परिसर में गर्ल्स स्पोर्ट्स हॉस्टल के निर्माण का शिलान्यास भी किया। इस गर्ल्स स्पोर्ट्स हॉस्टल की क्षमता 150 छात्राओं की होगी। इस बहुमंजिला (ग्राउंड प्लस तीन) संरचना का कुल कवर एरिया लगभग 2374 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है, जिस पर करीब पांच करोड़ रुपये की लागत आएगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्पेशल ओलंपिक की विशेषता यही है कि यह हमें खेल को केवल पदक और प्रतिस्पर्धा की दृष्टि से नहीं, बल्कि मानव आत्मा की शक्ति और संभावनाओं के रूप में देखने की दृष्टि देता है। इस ओलंपिक में मैदान पर दौड़ते, कूदते और जीत के लिए संघर्ष करते खिलाड़ी हमें यह सिखाते हैं कि सीमाएं शरीर की नहीं होती है, बल्कि सोच में होती है। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर, यूथ एक्टिवेशन कार्यक्रम और एथलीट लीडरशिप ट्रेनिंग जैसी पहलें की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से खिलाड़ियों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक सशक्तिकरण और नेतृत्व क्षमता का भी विकास किया जाता है। यही सच्चा समावेशन है, जहां खिलाड़ी केवल पदक विजेता नहीं, बल्कि समाज के सक्रिय नागरिक, प्रेरणास्रोत और रोल मॉडल बनते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘स्पेशल ओलंपिक भारत’ केंद्र सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय से मान्यता प्राप्त है। यह हमारे देश की उस समावेशी खेल नीति का सशक्त प्रमाण है, जो हर नागरिक को उसकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर देने में विश्वास रखती है। इटली में आयोजित स्पेशल ओलंपिक्स वर्ल्ड विंटर गेम्स में भारत के 49 सदस्यों के दल ने भाग लिया, इसमें 28 खिलाड़ियों ने 33 पदक जीतकर पूरे देश को गौरवान्वित किया। ये पदक खिलाड़ियों के संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास की कहानी हैं।
हरियाणा खेलों का पावर हाउस
सैनी ने कहा कि हरियाणा खेलों का पावर हाउस है। यह गर्व की बात है कि इस भूमि ने देश को अनेक ओलंपियन और विश्व-विजेता चैंपियन दिए हैं। उन्होंने इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद हरियाणा के स्पेशल ओलंपिक खिलाड़ी केशव का जिक्र करते हुए उनकी उपलब्धियों की तारीफ की।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
Comments 0