कहा, पिछली सरकारों ने एक दशक से अधिक समय तक युवाओं को नौकरियों से वंचित रखा, ‘आप’ सरकार ने केवल चार वर्षों में मेरिट के आधार पर बिना रिश्वत के 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ दीं
कहा, पिछली सरकारों ने एक दशक से अधिक समय तक युवाओं को नौकरियों से वंचित रखा, ‘आप’ सरकार ने केवल चार वर्षों में मेरिट के आधार पर बिना रिश्वत के 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ दीं
खबर खास, मोहाली :
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘मिशन रोजगार’ पहल के तहत आज विभिन्न विभागों में भर्ती हुए 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे, जिससे पिछले चार वर्षों में पंजाब सरकार द्वारा दी गई सरकारी नौकरियों की संख्या बढ़कर 65,264 हो गई है।
नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को पंजाब के युवाओं के लिए पारदर्शी और मेरिट के आधार पर रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “आज विभिन्न विभागों में 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि इनमें बिजली विभाग में 459, स्थानीय निकाय विभाग में 215, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 129 तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में 15 प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार अब तक पूरे राज्य में युवाओं को 65,264 सरकारी नौकरियाँ दे चुकी है।
सरकार द्वारा लगातार रोजगार सृजन पर ध्यान देने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बिजली विभाग में इस समय 1,750 और उम्मीदवारों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जो जून 2026 तक पूरी हो जाएगी।
साल 2022 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दशक से अधिक समय तक पंजाब के युवाओं को लगातार सरकारों द्वारा सरकारी नौकरियों से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लगभग एक दशक से अधिक समय तक पंजाब के युवाओं को सरकारी नौकरियाँ नहीं दी गईं। इन सरकारों ने हमारी पीढ़ियों का भविष्य बर्बाद कर दिया, इसलिए वे किसी भी तरह की सहानुभूति के हकदार नहीं हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य के हर गाँव, कस्बे और शहर में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए हैं। उन्होंने नव-नियुक्त युवाओं को ईमानदारी, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
नए भर्ती हुए युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सफलता अपने भीतर कई कहानियाँ समेटे होती है, जबकि असफलता का कोई किस्सा नहीं होता। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता और लगन हर व्यक्ति की सफलता की कुंजी हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब में हर दिन सरकारी नौकरियों के लिए कोई न कोई परीक्षा आयोजित की जा रही है, जो युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल रही है।” उन्होंने कहा कि हर सरकारी अधिकारी पंजाब की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि युवाओं को नौकरी देना कोई एहसान नहीं है, बल्कि उनकी प्रतिभा और योग्यता के आधार पर उन्हें सही अवसर देना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन युवाओं को पूरी तरह योग्यता के आधार पर नौकरियाँ मिली हैं।” उन्होंने युवाओं से सरकारी व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनने और मिशनरी भावना के साथ लोगों की सेवा करने की अपील की।
भर्ती हुए युवाओं को समाज की भलाई के लिए काम करने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि वे अपने पदों का उपयोग जरूरतमंद और वंचित वर्गों की सहायता के लिए करेंगे।
मुख्यमंत्री ने टिप्पणी की कि जो लोग इस योजना का मजाक उड़ा रहे हैं या बेबुनियाद सवाल उठा रहे हैं, वे आम नागरिकों के लिए 1,000 रुपये के महत्व को समझने में असफल हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो लोग अवैध तरीके से कमाए गए पैसे से एक बार के भोजन पर 5,000 रुपये से अधिक खर्च कर देते हैं, वे 1,000 रुपये की कीमत को नहीं समझ सकते, जो उन लोगों के लिए बड़ी वित्तीय सहायता है जिन्हें त्योहारों पर भी काम करने जाना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि ऐसे अमीर नेता और उनके परिवार आम घरों के लिए इस सहायता के महत्व को नहीं समझ सकते।
समारोह स्थल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही इसे विकास भवन कहा जाता है, लेकिन यहां से बड़ी संख्या में नौकरियां मिलने के कारण इसका नाम ‘अपॉइंटमेंट लेटर भवन’ रखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी टिप्पणी की कि पारंपरिक पार्टियां पंजाब सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए जन-केंद्रित शासन मॉडल से असहज महसूस कर रही हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये पार्टियां सत्ता के लिए कुर्सी की राजनीति करती थीं और लोगों व देश को लूटने के लिए बारी-बारी से शासन करती थीं।” उन्होंने आगे कहा कि यह राजनीति तब खत्म हुई जब पंजाब के लोगों ने मौजूदा सरकार को बड़ा जनादेश दिया, जिससे जनहितकारी पहलों की एक श्रृंखला शुरू हुई।
नए भर्ती हुए युवाओं ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं; मेरिट आधारित चयन के जरिए सरकारी नौकरियां मिलने पर जताया आभार
इस दौरान कई नए भर्ती हुए उम्मीदवारों ने पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए नौकरियां देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। नाभा के जगजीत सिंह ने कहा कि पिछली सरकारों के ढीले रवैये के कारण उन्हें सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद खत्म हो गई थी, लेकिन ‘आप’ सरकार बनने के बाद उनमें फिर से उम्मीद जगी। फिरोजपुर के तजिंदर सिंह ने कहा कि जब उन्हें नौकरी के संबंध में फोन आया तो उनके परिवार को डर था कि उन्हें रिश्वत देनी पड़ेगी, लेकिन उन्होंने बिना एक भी पैसा खर्च किए नौकरी प्राप्त की।
मलेरकोटला की गुरप्रीत कौर, जो इस समय डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में काम कर रही हैं, ने कहा कि उन्होंने अब मेरिट के आधार पर सहकारी इंस्पेक्टर के रूप में दूसरी नौकरी प्राप्त की है। इसी तरह जालंधर के दिनेश बत्रा ने कहा कि उन्होंने पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए पीएसपीसीएल में एजेएस मैकेनिकल के रूप में अपनी दूसरी नौकरी प्राप्त की है।
तलवाड़ा के ईशान चौधरी ने कहा कि वे अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के सदस्य हैं जिन्हें पीएसपीसीएल में सेवा करने का अवसर मिला है। पटियाला के सुखमनप्रीत सिंह ने कहा कि वे आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के एक महीने बाद कनाडा से वापस आ गए थे और अब उन्होंने पीएसपीसीएल में अपनी दूसरी नौकरी प्राप्त की है।
पटियाला के गांव भूतगढ़ के धर्मिंदर सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि वे पहले ईंटों के भट्टे पर मजदूर के रूप में काम करते थे, लेकिन अब एक पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए उन्हें सरकारी नौकरी मिली है। श्री मुक्तसर साहिब के डॉ. नवजोत सिंह मान ने बताया कि दंत चिकित्सकों को 36 वर्षों के अंतराल के बाद सरकारी नौकरियां मिली हैं। इससे पहले दंत चिकित्सकों का आखिरी बैच 1990 में भर्ती किया गया था। उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया कि वे केवल मेरिट और पारदर्शिता के आधार पर सरकारी नौकरियां दे रहे हैं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और डॉ. बलबीर सिंह भी मौजूद थे।
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