उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात विशेषकर उदारीकरण के बाद भारत की कर प्रणाली में व्यापक सुधार किए गए है जिससे कर ढांचा अधिक सरल, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बना है।