हरपाल सिंह चीमा बोले- कई इलाकों में भूजल स्तर 3 से 5 मीटर तक सुधरा, 39,049 क्यूसेक नहरों का पानी किसानों के खेतों तक पहुंचाया गया
हरपाल सिंह चीमा बोले- कई इलाकों में भूजल स्तर 3 से 5 मीटर तक सुधरा, 39,049 क्यूसेक नहरों का पानी किसानों के खेतों तक पहुंचाया गया
ख़बर ख़ास | चंडीगढ़
पंजाब में लगातार गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने बड़े स्तर पर जल संरक्षण अभियान शुरू किया है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और विधानसभा में प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में जल संकट से निपटने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार 16 हजार किलोमीटर लंबे वाटरकोर्स (जलमार्ग) को पुनर्जीवित और विकसित कर रही है, ताकि नहरों का पानी राज्य के अंतिम छोर तक स्थित किसानों के खेतों तक पहुंच सके। इसके साथ ही करीब 39,049 क्यूसेक नहरों का पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे किसानों की सिंचाई संबंधी समस्याओं में बड़ी राहत मिली है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान 25 से 30 वर्षों तक लगातार भूजल के अत्यधिक दोहन के कारण पंजाब का जल स्तर तेजी से नीचे चला गया था। किसानों को हर कुछ वर्षों में अपने ट्यूबवेल और अधिक गहरे करवाने पड़ते थे, जिससे बिजली की खपत और खेती की लागत लगातार बढ़ती गई। लेकिन मौजूदा सरकार ने नहर प्रणाली को मजबूत करने और जलमार्गों को पुनर्जीवित करने का मिशन शुरू किया, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।
वित्त मंत्री ने दावा किया कि सरकार की इन पहलों के कारण राज्य के कई ब्लॉकों में भूजल स्तर 3 से 5 मीटर तक बेहतर हुआ है। उन्होंने कहा कि खनिजों से भरपूर नहर के पानी का उपयोग बढ़ने से गेहूं और धान जैसी प्रमुख फसलों की उत्पादकता में प्रति एकड़ 1 से 2 क्विंटल तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ भूमिगत जल पर निर्भरता कम हुई है और बिजली की खपत में भी कमी आई है।
जल संरक्षण को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने वर्षा जल संचयन पर भी विशेष ध्यान दिया है। हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कई नगर निकायों में नए भवनों के नक्शे पास कराने के लिए रेन वाटर रिचार्ज सिस्टम अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा राज्यभर में भूजल रिचार्ज को बढ़ावा देने के लिए 510 योजनाओं को लागू किया गया है। इनमें 192 तालाब आधारित, 246 नहर आधारित तथा अन्य विभिन्न जल संरक्षण परियोजनाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य बारिश के पानी को अधिक से अधिक जमीन के भीतर पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार केवल किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था मजबूत नहीं कर रही, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में भी काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य पंजाब को जल संरक्षण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि भविष्य में भूजल संकट से प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके। वित्त मंत्री ने कहा कि पानी केवल खेती का साधन नहीं, बल्कि पूरे समाज और पर्यावरण की जीवनरेखा है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए सरकार दीर्घकालिक और व्यापक रणनीति पर काम कर रही है।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0