पुलिस के मुताबिक पेपर लीक नहीं हुआ; गिरोह पेन कैमरा, व्हाट्सऐप और ब्लूटूथ उपकरणों के जरिए रियल टाइम में जवाब पहुंचाता था, प्रति उम्मीदवार 13 लाख रुपये तक वसूले जाते थे