एक ही ऑनलाइन आवेदन से निवेशकों को मिलेंगी सभी विभागों की मंजूरियां; देरी होने पर ऑटो-डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान, उद्योग मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कारोबार को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम
एक ही ऑनलाइन आवेदन से निवेशकों को मिलेंगी सभी विभागों की मंजूरियां; देरी होने पर ऑटो-डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान, उद्योग मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कारोबार को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया फास्टट्रैक पोर्टल तेजी से सरकारी मंजूरियों की प्रक्रिया को आसान बना रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की इस डिजिटल पहल के माध्यम से 16 महीनों में अब तक 20,417 मंजूरियां दी जा चुकी हैं। 10 जून 2025 को शुरू किए गए इस पोर्टल के जरिए निवेशकों को विभिन्न विभागों की नियामकीय मंजूरियां एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार ने इसके तहत अधिकतम 45 दिनों में मंजूरी देने की व्यवस्था की है। निर्धारित समय में विभागीय मंजूरी नहीं मिलने पर ऑटो-डीम्ड अप्रूवल यानी स्वतः स्वीकृति का प्रावधान भी रखा गया है।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि फास्टट्रैक पोर्टल निवेशकों और कारोबारियों के लिए सिंगल-विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर रहा है। इसका उद्देश्य अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने और लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करना है। अब कारोबारी एक ही ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से जरूरी सेवाओं, अनुमतियों और मंजूरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। निवेशक केवल दो चरणों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें एक डैशबोर्ड उपलब्ध कराया जाता है, जहां से वे नए निवेश से जुड़े आवेदन कर सकते हैं, पहले से चल रही परियोजनाओं के लिए सेवाएं ले सकते हैं, ई-वॉलेट के जरिए लेन-देन कर सकते हैं और अपने प्रोजेक्ट की स्थिति पर वास्तविक समय में नजर रख सकते हैं।
नए निवेश के लिए कारोबारियों को केवल एक कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म जमा करना होता है। इसी आवेदन के माध्यम से विभिन्न विभागों की जरूरी सेवाओं और मंजूरियों के लिए प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों में आवेदन करने की जरूरत कम होती है और पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित बनती है। पोर्टल पर आवेदन की स्थिति की ऑनलाइन जानकारी मिलने से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी औद्योगिक व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां कारोबारियों को प्रक्रियागत बाधाओं का सामना न करना पड़े और निवेश संबंधी फैसले समय पर हो सकें। उन्होंने कहा कि इन्वेस्ट पंजाब के माध्यम से राज्य में निवेश को आकर्षित करने, मौजूदा उद्योगों को सहयोग देने और नए उद्यमों के विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री के अनुसार, सरकारी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से सरल बनाने का सीधा लाभ परियोजनाओं के क्रियान्वयन, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को मिल सकता है। फास्टट्रैक पोर्टल के जरिए पंजाब निवेशकों के लिए मंजूरी प्रक्रिया को अधिक समयबद्ध और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
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