घर-घर जाकर होगी जांच, फर्जी, डुप्लीकेट और शिफ्ट हुए मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे
घर-घर जाकर होगी जांच, फर्जी, डुप्लीकेट और शिफ्ट हुए मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे
ख़बर खास | चंडीगढ़
भारत निर्वाचन आयोग ने पंजाब और चंडीगढ़ में 15 जून से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत करने की घोषणा की है। पंजाब में इस समय लगभग 2.14 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं, और 2027 विधानसभा चुनावों से पहले बड़े स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा।
इस प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण की जांच करेंगे। इस दौरान 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, जबकि फर्जी, डुप्लीकेट और गलत प्रविष्टियों को हटाया जाएगा।
इस पुनरीक्षण अभियान के जरिए मृतक मतदाताओं और अन्य स्थानों पर शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम भी सूची से हटाए जाएंगे। इसके साथ ही नाम, पते और अन्य विवरणों में मौजूद त्रुटियों को भी ठीक किया जाएगा।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, यह एक नियमित प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक और अपडेट रखना है। सत्यापन के दौरान BLO और बूथ लेवल एजेंट (BLA) मतदाताओं को फॉर्म वितरित करेंगे। नागरिकों को अपने विवरण की पुष्टि करनी होगी और जरूरत पड़ने पर आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
यदि किसी मतदाता का नाम दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में दर्ज है, तो उसे एक सूची से हटाना अनिवार्य होगा। जिन लोगों का नाम सूची में नहीं है, वे निर्धारित फॉर्म भरकर और वैध दस्तावेज जमा कर अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
सत्यापन के लिए स्वीकार्य दस्तावेजों में आधार कार्ड, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, कक्षा 10 की मार्कशीट, पेंशन पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, सरकारी पहचान पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, भूमि या मकान आवंटन दस्तावेज और परिवार रजिस्टर या NRC में दर्ज प्रविष्टियां शामिल हैं।
निर्वाचन आयोग ने बताया कि 1951 से 2004 के बीच इस तरह के गहन पुनरीक्षण नियमित रूप से किए जाते थे, लेकिन पिछले 21 वर्षों में इतने बड़े स्तर पर अपडेट नहीं हुआ है। बढ़ते माइग्रेशन, डुप्लीकेट पंजीकरण और जनसंख्या में बदलाव के कारण मतदाता सूची को अपडेट करना जरूरी हो गया है, ताकि कोई भी योग्य मतदाता छूट न जाए और कोई भी अयोग्य नाम सूची में न रहे।
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