पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने पंजाब के सभी विधायकों की मेजबानी की इच्छा जताई; मुख्यमंत्री मान ने कहा, दौरा केंद्र सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा
पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने पंजाब के सभी विधायकों की मेजबानी की इच्छा जताई; मुख्यमंत्री मान ने कहा, दौरा केंद्र सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पंजाब विधानसभा के सभी सदस्यों को पाकिस्तान आने का औपचारिक निमंत्रण मिला है। यह निमंत्रण पाकिस्तान के प्रांतीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष रमेश सिंह अरोड़ा ने दिया है। उन्होंने पंजाब के सभी विधायकों की पाकिस्तान में मेजबानी करने की इच्छा जताते हुए दोनों क्षेत्रों के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और आपसी भाईचारे के संबंध मजबूत करने पर जोर दिया।
यह निमंत्रण ऐसे समय आया है, जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 27 से 29 नवंबर तक लाहौर में आयोजित होने वाले चौथे अंतरराष्ट्रीय पंजाबी सम्मेलन में शामिल होने की इच्छा जताई थी। इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रसिद्ध पंजाबी कवि बाबा बशीर हुसैन नाज़मी, जिन्हें बाबा नाज़मी के नाम से जाना जाता है, और पंजाबी प्रचार संगठन की ओर से निमंत्रण भेजा गया था।
रमेश सिंह अरोड़ा ने कहा कि पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और आपसी भाईचारे के रिश्तों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष के साथ उनके अच्छे संबंध हैं और वह विधानसभा के सभी सदस्यों की पाकिस्तान में मेजबानी करके प्रसन्न होंगे। अरोड़ा ने पंजाब के विधायकों को आमंत्रित करते हुए कहा, “आइए और देखिए कि पाकिस्तान कितना खूबसूरत है।”
23 अक्टूबर को पंजाब विधानसभा के सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस निमंत्रण का उल्लेख किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार उन्हें पाकिस्तान जाने की अनुमति देगी। मान ने टिप्पणी की कि केंद्र सरकार उन्हें फ्रांस और जापान जैसे देशों की यात्रा की अनुमति भी नहीं देती, इसलिए पाकिस्तान जाने की मंजूरी मिलने को लेकर भी उन्हें संदेह है।
मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि यदि केंद्र सरकार से राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी मंजूरी मिल जाती है, तो पंजाब विधानसभा के सभी सदस्य एक साथ करतारपुर गलियारे के रास्ते पाकिस्तान जा सकते हैं। इस दौरान वे वहां स्थित पवित्र सिख धार्मिक स्थलों पर माथा टेक सकते हैं।
प्रस्तावित यात्रा से पंजाब के विधायकों को ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थलों के दर्शन करने और सीमा के दोनों ओर पंजाबी भाषा, संस्कृति तथा धार्मिक विरासत से जुड़े संबंधों को मजबूत करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, इस यात्रा की योजना केंद्र सरकार की आवश्यक मंजूरी और सुरक्षा संबंधी औपचारिकताओं पर निर्भर करेगी।
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