अंडरट्रायल कैदियों की सुरक्षा, जेलों में क्लिनिक और लाइब्रेरी से बदलेगी तस्वीर
अंडरट्रायल कैदियों की सुरक्षा, जेलों में क्लिनिक और लाइब्रेरी से बदलेगी तस्वीर
खबर खास | पटियाला
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने जेल सुधार की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। राज्य की जेलों को अब केवल सजा देने की जगह नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास के केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में पटियाला सेंट्रल जेल से एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है, जिसे भविष्य में पूरे पंजाब में लागू करने की योजना है।
जेल मंत्री रवजोत सिंह ने इस नई पहल की जानकारी देते हुए बताया कि पटियाला जेल में ‘आम आदमी क्लिनिक’ और एक आधुनिक लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। इस कदम का उद्देश्य कैदियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और मानसिक रूप से सकारात्मक माहौल प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य जेलों में भी लाइब्रेरी की सुविधा शुरू की जाएगी, ताकि कैदी शिक्षा और आत्म-सुधार की ओर बढ़ सकें।
इस सुधार मॉडल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू अंडरट्रायल कैदियों के लिए नई वर्गीकरण प्रणाली है। अब अपराधों को ‘गंभीर’ और ‘साधारण’ श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा, जिससे छोटे अपराधों में बंद कैदियों को आदतन अपराधियों के प्रभाव से बचाया जा सके। इससे जेलों में अनुशासन और प्रबंधन भी अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।
मंत्री ने बताया कि यह कदम लंबे समय से लंबित जेल सुधार बिल के लागू होने के बाद संभव हो पाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की मंशा जेलों को सुधार केंद्र के रूप में विकसित करने की है, जहां से कैदी समाज में एक नई शुरुआत कर सकें।
साथ ही रवजोत सिंह ने सख्त संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि जेलों के भीतर से आने वाली हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति, चाहे वह अधिकारी ही क्यों न हो, के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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