सांसद सुखजिंदर रंधावा ने लगाया आरोप कहा, किसानों को वादे के मुताबिक एमएसपी और बाढ़ मुआवजा देने में विफल रही आप सरकार फरीदकोट के दो सगे भाइयों की आत्महत्या पर व्यक्त किया गहरा दुख, इस घटना को बताया चिंताजनक
सांसद सुखजिंदर रंधावा ने लगाया आरोप कहा, किसानों को वादे के मुताबिक एमएसपी और बाढ़ मुआवजा देने में विफल रही आप सरकार फरीदकोट के दो सगे भाइयों की आत्महत्या पर व्यक्त किया गहरा दुख, इस घटना को बताया चिंताजनक
खबर खास, चंडीगढ़ :
पूर्व उप मुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब के किसानों का खराब हो रही हालत पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कर्ज न चुका पाने पर आत्महत्या करने वाले दो सगे भाइयों की मौत पर गहरा दुख प्रकट किया। इसके लिए जिम्मेदार बैंक अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि पंजाब में किसानों के हालत बद से बदतर होते जा रहे हैं। उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनको आज तक फसलों पर एमएसपी नहीं मिली। बाढ़ का मुआवजा तो दूर की बात है। अपने हक मांगने के लिए सड़कों पर उतरने वाले किसानों पर पंजाब सरकार की तरफ से लाठीचार्ज कराया जा रहा है और आंसू गैस छोड़ी जा ही हैं।
रंधावा ने कहा कि पंजाब का किसान न केवल राज्य बल्कि देश का अन्नदाता है और उनका पेट भरता है। इसी अन्नदाता की बेकद्री की जा रही है। उनको उनकी फसलों का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। उनको मजबूरन घाटा उठाना पड़ रहा है और फसलों को बचाने व घर चलाने के लिए महंगी ब्जायदर पर कर्ज उठाने पड़ रहे हैं। कर्ज न उतार पाने पर बैंक वाले उनको अलग तरीके से तंग करते हैं। जिसकी वजह से वह आत्महत्या जैसी संगीन कदम उठाते हैं।
एनसीआरबी के डाटा मुताबिक देश भर में हर साल औसतन 11 हजार किसान अभी भी आत्महत्या कर रहे हैं। 2013 से 2022 तक के एक दशक में करीब 1.12 लाख किसानों ने अलग-अलग वजहों से अपनी जान दे दी। कोई कर्ज के कारण मौत को गले लगा रहा है तो कोई खेती में नुकसान के कारण अपनी जान दे रहा है। मीडियो रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2023 में पंजाब में करीब 150 किसानों ने अपनी जान ले ली।
फरीदकोट से इन दोनों सगे भाइयों ने भी बैंक से खेती के लिए 25 लाख रुपए का कर्ज लिया। जिसकी किश्त नहीं चुका पाने के कारण बैंक ने ब्याज लगाकर 50 लाख रुपए तक कर दिया। इन्हीं कारणों से परेशान होकर दोनों सगे भाई ने मौत को गले लगाने का आसान रास्ता चुना। जबकि सरकार को इन किसानों की सुनवाई करनी चाहिए थी और उनके कर्ज को चुकाने में मदद करनी चाहिए थी। यही आम आदमी पार्टी ने जिसके सुप्रीमो अरविंदर केजरीवाल ने दावा किया था कि सत्ता में आने के बाद 1 अप्रैल से कोई किसान आत्महत्या नहीं करेगा।
वहीं, पंजाब में भगवंत मान की सरकार ने सत्ता संभालने से पहले पंजाब के किसानों से वादा किया था कि वह उनकी सभी फसलों पर उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाएगा। ताकि उनकी फसलें मंडियों में अच्छे भाव पर बिक सकें। लेकिन सत्ता संभालते ही किसानों की हैतेशी बताने वाली आम आदमी पार्टी उनकी दुश्मन बन चुकी है। अब किसानों को भीड़ बताकर लाठीचार्ज किया जा रहा है। उनकी जायज मांगों तक को सरकार सुनने के लिए तैयार नहीं है। बठिंडा और अमृतसर में किसानों पर जबर जुल्म किए गए।
रंधावा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ है। केंद्र में भाजपा सरकार और पंजाब में आम आदमी पार्टी जैसी किसान विरोधी पार्टियो को किसानों को बर्बाद नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से भारत-यूएस ट्रेड डील को भी कैंसिल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस डील के खिलाफ भी कांग्रेस पार्टी देश भर के किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलकर खड़ी है। इस डील को रद्द करवाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
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