कहा, इससे लोकसभा में पंजाब की अनुपातिक हिस्सेदारी कम हो जाएगी मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं को निवेश के नाम पर “छुट्टियां” बताया पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस की चेतावनी
कहा, इससे लोकसभा में पंजाब की अनुपातिक हिस्सेदारी कम हो जाएगी मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं को निवेश के नाम पर “छुट्टियां” बताया पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस की चेतावनी
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब कांग्रेस ने देशभर में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की परिसीमन के खिलाफ चेतावनी दी है। पार्टी ने कहा कि इससे पंजाब जैसे राज्यों की अनुपातिक हिस्सेदारी घट जाएगी, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों की बढ़ जाएगी। पार्टी ने भाजपा सरकार की महिला आरक्षण बिल को नुकसान पहुंचाने के लिए भी आलोचना की है और आरोप लगाया कि वह इसका दोष विपक्ष पर मढ़ने की कोशिश कर रही है।
पार्टी नेताओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की विदेश यात्राओं पर भी तंज कसते हुए, कहा कि ये निवेश लाने के नाम पर वास्तव में “छुट्टियां” हैं। आज यहां कांग्रेस भवन में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, एआईसीसी महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा और एआईसीसी सचिव कुलजीत सिंह नागरा ने 17 अप्रैल को संसद में पेश और बाद में वापस लिए गए महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के पीछे की पूरी जानकारी व मंशा पर जानकारी दी।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि संसद में महिला आरक्षण बिल नहीं, बल्कि परिसीमन बिल वापस लिया गया था। उनका कहना था कि भाजपा ने महिला आरक्षण बिल के नाम पर चुपचाप परिसीमन बिल लाने की कोशिश की, जबकि महिला आरक्षण बिल 2023 में पहले ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को बराबरी के अधिकार और आरक्षण देने के लिए कांग्रेस को भाजपा से किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि 1989 में राजीव गांधी ने ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था, जिसके परिणामस्वरूप आज देशभर में लगभग 40 प्रतिशत सदस्य महिलाएं हैं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने संशोधन विधेयक के विरोध को जायज ठहराते हुए, कहा कि यदि यह पारित हो जाता, तो सरकार परिसीमन लाती, जिससे पंजाब और तमिलनाडु जैसे राज्यों को नुकसान होता व उत्तर प्रदेश तथा बिहार जैसे राज्यों को लाभ मिलता।
उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित परिसीमन के तहत उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान की हिस्सेदारी क्रमशः 1.7, 1.2 और 1 प्रतिशत बढ़ेगी, जबकि पंजाब, तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल की हिस्सेदारी क्रमशः 0.3, 1, 1 और 0.2 प्रतिशत घटेगी। उनका कहना था कि इसके पीछे स्पष्ट सोच है, जहां भाजपा मजबूत है, वहां हिस्सेदारी बढ़ाना और जहां कमजोर है, उसे कम करना।
इसी तरह, कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की विदेश यात्राओं पर तंज कसते हुए, कहा कि ये निवेश के नाम पर सिर्फ “छुट्टियां” हैं।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब में कोई बड़ा निवेश लाने में विफल रही है और केवल एमओयू साइन करने से निवेश की गारंटी नहीं मिलती। उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि वे ऐसे प्रोजेक्ट दिखाए जहां वास्तव में काम शुरू हुआ हो।
आप की संदिग्ध “पहलकदमियां”
इस मौके पर सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आप सरकार की कथित “पहलकदमियों” पर तंज कसते हुए 10 संदिग्ध मामलों को गिनाया। उन्होंने कहा कि पहली बार थानों के बाहर बैरिकेडिंग और ऊपर बिजली के तारों के घेरे बनाए गए।पहली बार जेलों में गैंगस्टरों के इंटरव्यू के लिए वाई-फाई, फोन और लाइट की व्यवस्था की गई। पहली बार सरपंचों और आम लोगों की अंधाधुंध हत्याएं हो रही हैं। पहली बार जग्गू भगवानपुरिया जैसे गैंगस्टर खुले तौर पर विधायकों की मदद कर रहे हैं और सरपंच बन रहे हैं। पहली बार चुने हुए विधायक व मंत्री कारोबारियों को धमका रहे हैं और उन्हें कारोबार बंद करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। पहली बार मुख्यमंत्री खुद अपने मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत होने की बात करता है, लेकिन बाद में उसे क्लीन चिट देकर बहाल कर देता है।
उन्होंने आगे कहा कि पहली बार हाईकमान को खुश करने के लिए जेड प्लस सुरक्षा दी जा रही है, जबकि आम लोग घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। पहली बार चुनावों के दौरान मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एक गैंगस्टर को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है। पहली बार सुरक्षा घटाने जैसे संवेदनशील मामले को मीडिया में साझा किया गया, जिससे पंजाब को नुकसान हुआ। पहली बार इतनी बड़ी घटनाओं के बावजूद मुख्यमंत्री ने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की।
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