पंजाब को शिक्षा हब बनाने के लिए 7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 19,279 करोड़ रुपये के बजट आवंटन की शिक्षा मंत्री द्वारा सराहना कहा, शिक्षा प्रणाली में और सुधारों के लिए 3,500 करोड़ रुपये का ‘शिक्षा क्रांति 2.0’ प्रोजेक्ट
पंजाब को शिक्षा हब बनाने के लिए 7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 19,279 करोड़ रुपये के बजट आवंटन की शिक्षा मंत्री द्वारा सराहना कहा, शिक्षा प्रणाली में और सुधारों के लिए 3,500 करोड़ रुपये का ‘शिक्षा क्रांति 2.0’ प्रोजेक्ट
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब बजट 2026-27 को सकारात्मक बदलाव और ऐतिहासिक करार देते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज शिक्षा क्षेत्र के लिए रिकॉर्ड 19,279 करोड़ रुपये के बजट की सराहना की, जो पिछले साल की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की शिक्षा प्रणाली मिसाली सुधारों के कारण तेजी से पूर्ण संरचनात्मक क्रांति की ओर बढ़ रही है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा आज पंजाब विधानसभा में पेश किए गए बजट पर बोलते हुए बैंस ने कहा कि यह बजट पंजाब के भविष्य का वह खाका है, जिसे नए अवसरों और उत्कृष्टता के अक्षरों में लिखा गया है। मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी अगुवाई में हम ‘पंजाब सिखिया क्रांति’ के अपने वादे को पूरी तरह हकीकत में बदल रहे हैं। हमने स्कूलों के अकादमिक नतीजों में देश भर में शीर्ष स्थान हासिल किया है और यह बजट हमारे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर मुकाबले के योग्य बनाकर बड़ी मंजिलें हासिल करने के हमारे प्रयासों को और बल देगा।
राज्य के लिए एक और दूरदर्शी पहल का जिक्र करते हुए श्री बैंस ने कहा कि राज्य सरकार ने विश्व बैंक के सहयोग से छह वर्षों में 3,500 करोड़ रुपये के निवेश के माध्यम से ‘शिक्षा क्रांति 2.0’ शुरू करने का फैसला किया है। यह पंजाब के इतिहास में सबसे बड़े शिक्षा सुधार निवेशों में से एक है और राज्य द्वारा पूरे शिक्षा ढांचे में बड़े पैमाने पर मिसाली सुधार किए जा रहे हैं। बुनियादी साक्षरता को मजबूत करने और हमारे शिक्षकों को सशक्त बनाने से लेकर शासन को आधुनिक बनाने और संरचनात्मक रोजगार अवसर स्थापित करने तक यह मिशन विद्यार्थियों को 21वीं सदी की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करेगा।
शिक्षा मंत्री ने भारत सरकार के ‘परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण -2024’ का हवाला देते हुए कहा, जहां पंजाब ने स्कूली नतीजों में केरल को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया था, कि बजट प्रत्यक्ष सफलता की मजबूत आधारशिला है।
बैंस ने गर्व से कहा, ‘‘हमारी प्रतिबद्धता के नतीजे आज प्रत्यक्ष दिखाई दे रहे हैं,’’ अब यह जग जाहिर है कि 305 सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों ने पहली जे.ई.ई. मेन्ज़ परीक्षा पास की है। जो यह साबित करता है कि उत्कृष्टता कुछ चुनिंदा प्रभावशाली लोगों का निजी अधिकार नहीं बल्कि पंजाब के हर बच्चे का हक है।
उन्होंने आगे बताया कि 400 करोड़ रुपये के निवेश से सरकारी स्कूलों में 38,649 डेस्कटॉप कंप्यूटर और 8,268 इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल लगाए जा रहे हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हरेक सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक आधुनिक कंप्यूटर लैब हो। पंजाब सरकार सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में बात ही नहीं कर रही है बल्कि राज्य भविष्य को सीधे विद्यार्थियों के हाथों में सौंप रहा है। यह उन उपलब्धियों पर आधारित है जहां 99 प्रतिशत स्कूलों में अब चारदीवारी है और एक लाख से अधिक नए डेस्क यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी बच्चा जमीन पर न बैठे।
राज्यव्यापी करियर काउंसलिंग फ्रेमवर्क के बारे में विस्तार से साझा करते हुए श्री बैंस ने कहा कि लगभग 7.35 लाख विद्यार्थियों को कवर करने वाला यह फ्रेमवर्क, एक नए समर्पित पोर्टल के माध्यम से युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों के बारे में उचित निर्णय लेने में सहायता करेगा।
स्कूली शिक्षा के अलावा बैंस ने बताया कि श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग़ बहादुर साहिब जी के नाम पर एक विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में सरकारी आई.टी.आई. में सीटों की संख्या 35,000 से बढ़ाकर 52,000 कर दी गई है। इसके अलावा 11 जेलों में आई.टी.आई. चलाने की एक अग्रणी पहल है ताकि हुनर विकास के माध्यम से सामाजिक पुनर्वास का रास्ता प्रशस्त किया जा सके। उन्होंने आगे बताया कि राज्य भर में 11 आई.टी.आई. को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में भी अपग्रेड किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब का असली धन इसके क्लासरूमों और बच्चों के सपनों में है। वर्ष 2026-27 का बजट उज्ज्वल भविष्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें शिक्षा के लिए 19,279 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है।
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