पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगी कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट; आरोपियों की संपत्तियां और मकान गिराने की कार्रवाई तथा अपनाई गई कानूनी प्रक्रिया का भी मांगा ब्योरा
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगी कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट; आरोपियों की संपत्तियां और मकान गिराने की कार्रवाई तथा अपनाई गई कानूनी प्रक्रिया का भी मांगा ब्योरा
खबर खास | मानसा
मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस बीच प्रशासन ने ध्वस्त किए गए मेडिकल स्टोर का मलबा हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह मेडिकल स्टोर अश्विनी कुमार का था। मौके पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम पुलिस अधिकारियों के साथ पहुंची और जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू करवाया।
सीबीआई और पुलिस की मौजूदगी में हटाया जा रहा मलबा
सीबीआई अधिकारियों और पुलिस कर्मचारियों की टीम जेसीबी मशीन लेकर घटनास्थल पर पहुंची। टीम की निगरानी में ध्वस्त मेडिकल स्टोर का मलबा हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। इस बीच मानसा पुलिस ने मेडिकल स्टोर तोड़े जाने के मामले में करीब 1,000 से 1,200 अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगा जवाब
इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से अब तक की गई कार्रवाई पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह मामले में शामिल लोगों के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई का पूरा विवरण पेश करे। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्या आरोपियों की संपत्तियों या मकानों को ध्वस्त किया गया है।
अदालत ने ऐसी किसी भी तोड़फोड़ की कार्रवाई के लिए अपनाई गई कानूनी प्रक्रिया का ब्योरा भी मांगा है। मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की गई जनहित याचिका (पीआईएल) और लाभ सिंह की ओर से दायर संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश जारी किए।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत में उठाया झोटा की हत्या का मामला
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद मामले से जुड़ी कई घटनाएं और घटनाक्रम भी सामने आए, जिनकी खबरें समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई थीं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बलतेज सिंह सिद्धू के साथ अधिवक्ता हिम्मत सिंह सिद्धू, मन्नत खुराना और अर्जुन सिंह अदालत में पेश हुए।
इस मामले में अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी।
13 अक्टूबर को मेडिकल स्टोर पर मारी गई थी झोटा को गोली
नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर 2026 को मानसा के एक मेडिकल स्टोर पर कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में चार अन्य लोग भी घायल हुए थे।
आरोपों के अनुसार, झोटा मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार से प्रतिबंधित नशीली दवाओं की कथित बिक्री को लेकर सवाल कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें गोली मार दी गई। अश्विनी कुमार इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी है।
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January 18, 2026
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