‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत बिजोकी कलां गांव में पुलिस की कार्रवाई; मामले में दो आरोपियों के नाम सामने आए, दूसरे की गिरफ्तारी के प्रयास जारी
‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत बिजोकी कलां गांव में पुलिस की कार्रवाई; मामले में दो आरोपियों के नाम सामने आए, दूसरे की गिरफ्तारी के प्रयास जारी
खबर खास | मालेरकोटला
पंजाब के मालेरकोटला में पुलिस ने अवैध नशा मुक्ति केंद्र के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 48 लोगों को छुड़ाया है। जिले में लगातार दूसरे दिन अवैध नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ अभियान चलाया गया। पुलिस के अनुसार, यह केंद्र अमरगढ़ थाना क्षेत्र के बिजोकी कलां गांव में “नशा मुक्त समाज वेलफेयर सोसाइटी” के नाम से चलाया जा रहा था। आरोप है कि यहां नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उनकी मर्जी के खिलाफ बंधक बनाकर रखा जाता था, उनके साथ मारपीट की जाती थी और उनसे जबरन काम करवाया जाता था। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरकमल प्रीत सिंह खख ने बताया कि यह कार्रवाई पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत और अमरगढ़ के डीएसपी संजीव कपूर की निगरानी में की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस अवैध नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है, ताकि नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए मदद लेने वाले लोगों के शोषण को रोका जा सके।
पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर 2026 को एएसआई बलविंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम बिजोकी कलां गांव के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गांव में कथित तौर पर अवैध नशा मुक्ति केंद्र चलाया जा रहा है, जहां नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उनकी सहमति के बिना लाकर जबरन रखा जाता है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने तुरंत केंद्र पर छापा मारा और वहां कथित तौर पर बंधक बनाकर रखे गए 48 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस कार्रवाई के बाद अमरगढ़ थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान नौशहरा निवासी जतिंदर सिंह और मालेरकोटला के कच्चा जमालपुरा निवासी हम्माद सादिक उर्फ शिक्खू के रूप में की है। जतिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि हम्माद सादिक को पकड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
एसएसपी खख ने कहा कि नशे की लत से मुक्ति चिकित्सा, पुनर्वास और मानवीय गरिमा से जुड़ा विषय है। इसके नाम पर लोगों का शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में अवैध केंद्रों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है और यह आगे भी जारी रहेगा।
एसएसपी ने लोगों से अपील की कि नशे की लत के उपचार के लिए केवल सरकारी अस्पतालों या लाइसेंस प्राप्त नशा मुक्ति केंद्रों का ही रुख करें। उन्होंने अवैध केंद्रों या नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी नजदीकी पुलिस थाने में देने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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