कहा, रिकॉर्ड समय में 292 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज को मंजूरी, लाखों परिवारों को वास्तविक वित्तीय राहत प्रदान 1.77 लाख उपचारों को मंजूरी देकर और 71,000 दावों का निपटारा कर भगवंत मान सरकार द्वारा त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं
कहा, रिकॉर्ड समय में 292 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज को मंजूरी, लाखों परिवारों को वास्तविक वित्तीय राहत प्रदान 1.77 लाख उपचारों को मंजूरी देकर और 71,000 दावों का निपटारा कर भगवंत मान सरकार द्वारा त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं
खबर खास, चंडीगढ़ :
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत बड़े स्तर पर जनस्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर एक नया मानक स्थापित किया है और 8 जनवरी 2026 को योजना की शुरुआत के बाद तीन महीनों के भीतर ही 30.51 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण किया गया है और 292 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज को मंजूरी देकर पूरे देश में एक उदाहरण प्रस्तुत किया गया है।
इस योजना के क्रियान्वयन के पैमाने और गति के बारे में जानकारी देते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना तेजी से पंजाब के लाखों परिवारों को वास्तविक वित्तीय राहत और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया, “इस योजना के तहत अब तक 30,51,325 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है और 1,77,097 मुफ्त उपचारों को मंजूरी दी गई है। इलाज की कुल स्वीकृत लागत 292 करोड़ रुपये है, जिसमें से 267 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। हमने 71,000 दावों का निपटारा कर दिया है और सूचीबद्ध अस्पतालों को 60 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।”
इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने हर मानक पर अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, “यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। चाहे पंजीकरण की बात हो, कवर किए गए परिवारों की संख्या हो या उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों की संख्या—हर मामले में पंजाब पहले स्थान पर है।”
अस्पतालों को समय पर भुगतान का भरोसा दिलाते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने बकाया भुगतान के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक के सभी बकाया 15 अप्रैल तक चुका दिए जाएंगे, जिससे किसी भी अस्पताल का एक भी रुपया बकाया नहीं रहेगा।
उन्होंने 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए भुगतान ढांचे की जानकारी देते हुए बताया कि 1 लाख रुपये तक के दावों का निपटारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा, जबकि 1 लाख रुपये से अधिक के बिल एक सप्ताह के भीतर निपटाए जाएंगे। विवादित या सत्यापन की आवश्यकता वाले मामलों में यह प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी।
योजना के वास्तविक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना पहले ही हर आयु वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचा रही है। इसके लाभार्थियों में एक वर्ष के बच्चे से लेकर 99 वर्ष की बुजुर्ग महिला तक शामिल हैं, जिन्होंने इस योजना के तहत कैंसर का इलाज करवाया है। उन्होंने बताया कि इस योजना में दिल से जुड़ी 100 से अधिक गंभीर बीमारियों सहित जटिल प्रक्रियाओं को भी कवर किया गया है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि योजना के तहत पटियाला मेडिकल कॉलेज में “रप्चर्ड साइनस” जैसी गंभीर स्थिति वाले मरीज का सफल इलाज किया गया है।
डॉ. बलबीर सिंह ने आगे कहा कि जब सरकार मुफ्त इलाज सेवाओं पर 292 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, तो इसका सीधा अर्थ है कि आम जनता का पैसा बच रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के सहयोग से पूरे पंजाब में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की निर्बाध सुविधा सुनिश्चित कर रही है।
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