कहा, लुधियाना की 15 किलोमीटर सड़कों का ‘कम्प्लीट स्ट्रीट मॉडल’ के तहत पुनर्विकास किया जाएगा बोले- मान सरकार ने लुधियाना के लिए 162 करोड़ रुपये का विश्वस्तरीय स्ट्रीट प्रोजेक्ट किया लॉन्च
कहा, लुधियाना की 15 किलोमीटर सड़कों का ‘कम्प्लीट स्ट्रीट मॉडल’ के तहत पुनर्विकास किया जाएगा बोले- मान सरकार ने लुधियाना के लिए 162 करोड़ रुपये का विश्वस्तरीय स्ट्रीट प्रोजेक्ट किया लॉन्च
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब के स्थानीय निकाय संबंधी मंत्री संजीव अरोड़ा ने शनिवार को भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के एक अहम विश्वस्तरीय स्ट्रीट प्रोजेक्ट की शुरुआत की घोषणा की, जिसका उद्देश्य लुधियाना शहर को सुरक्षित, समावेशी, टिकाऊ और स्मार्ट मोबिलिटी के मॉडल में परिवर्तित करना है। उन्होंने कहा कि यह पहल लोगों के लिए सुंदर और आधुनिक गलियों वाले शहर के सपने को साकार करने की दिशा में एक बुनियादी प्रयास है।
प्रोजेक्ट का विवरण साझा करते हुए स्थानीय विकास मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि शहर के 10 प्रमुख शहरी कॉरिडोरों में 15 किलोमीटर सड़कों का ‘कम्प्लीट स्ट्रीट’ दृष्टिकोण के तहत व्यापक पुनर्विकास किया जाएगा। इसमें वाहनों की आवाजाही के साथ-साथ पैदल यात्रियों, साइकिल सवारों, सार्वजनिक परिवहन उपयोगकर्ताओं और रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। मंत्री ने कहा, “इसका उद्देश्य सड़कों को व्यवस्थित और सुव्यवस्थित तरीके से लोगों के लिए उपलब्ध कराना है। ये सड़कें अब केवल ट्रैफिक कॉरिडोर नहीं रहेंगी, बल्कि सुरक्षित, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल जीवंत सार्वजनिक स्थान बनेंगी।”
इस प्रोजेक्ट की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि इसमें 15 किलोमीटर विश्वस्तरीय सड़कों, 5.3 किलोमीटर समर्पित एवं सुलभ फुटपाथों तथा 15.7 किलोमीटर चिन्हित साइकिल लेन और समर्पित साइकिल ट्रैक का विकास शामिल है। इसके अलावा 40 रेन एवं सन शेल्टर, 10 सार्वजनिक शौचालय, 36 वाटर एटीएम स्थापित किए जाएंगे तथा आजीविका के लिए 250 वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे।
प्रोजेक्ट की संभावनाओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसमें एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा। इसके विपरीत, 3,633 से अधिक नए पौधे लगाए जाएंगे तथा हरित वातावरण के सृजन के लिए 54 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट बनाए जाएंगे। इसके साथ ही तूफान या वर्षा जल निकासी के लिए नई ड्रेनेज प्रणाली, एलईडी स्ट्रीट लाइटें, लैंडस्केपिंग और जंक्शन सुधार भी किए जाएंगे।
मंत्री ने बताया कि 162 करोड़ रुपये की इस परियोजना को पंजाब इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा पायलट किया जा रहा है। इसकी टेंडरिंग प्रक्रिया वर्तमान में जारी है और इसे अगस्त के अंत तक लागू करने की योजना है। उन्होंने कहा, “प्रोजेक्ट में निर्बाध और सुव्यवस्थित डिज़ाइन तत्व शामिल होंगे, जैसे कर्ब रैंप, टैक्टाइल पाथवे, ज़ेब्रा क्रॉसिंग और टेबल-टॉप क्रॉसिंग, ताकि सभी के लिए सुगम्यता सुनिश्चित की जा सके।”
कार्यान्वयन मॉडल की व्याख्या करते हुए संजीव अरोड़ा ने बताया कि यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत लागू की जाएगी, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली निर्माण प्रक्रिया और दीर्घकालीन रख-रखाव सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा, “रियायतधारक रख-रखाव चरण के दौरान मेंटेनेंस के लिए जिम्मेदार होगा, जिसकी वार्षिक संचालन एवं रख-रखाव लागत निर्माण लागत का लगभग 2.5 प्रतिशत अनुमानित है।”
व्यापक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि यह परियोजना हरित बुनियादी ढांचे के माध्यम से स्थिरता को एकीकृत करती है, गैर-मोटराइज्ड परिवहन को प्रोत्साहित करती है और बेहतर साइनएज, स्ट्रीट फर्नीचर, समर्पित पार्किंग, साइकिल स्टैंड, पुलिस बूथ तथा शहर के गेटवे के जरिए सड़क सुरक्षा को मजबूत करती है। उन्होंने आगे कहा कि शेरपुर चौक से जगराओं पुल, मॉडल टाउन रोड तथा गिल नहर पुल से गिल गांव जैसे विशेष कॉरिडोरों को विशिष्ट डिज़ाइन थीम के साथ पुनर्विकसित किया जाएगा।
इस पहल के महत्व को दोहराते हुए मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह प्रोजेक्ट आधुनिक, जन-पक्षीय शहरों के निर्माण के पंजाब सरकार के लक्ष्य के अनुरूप है। उन्होंने कहा, “यह परियोजना जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाएगी, भीड़-भाड़ को कम करेगी, सड़क सुरक्षा बढ़ाएगी, स्थानीय व्यवसायों को लाभ पहुंचाएगी और लुधियाना को उत्तर भारत में शहरी परिवर्तन की एक नई मिसाल के रूप में स्थापित करेगी।”
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब के शहरों को कचरा मुक्त बनाने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए: डॉ. रवजोत सिंह
November 13, 2024
Comments 0