पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा, जालंधर की फर्म के मालिक को GST विभाग ने किया गिरफ्तार, ₹8.35 करोड़ की फर्जी ITC ट्रांसफर रोककर सरकारी खजाने को बड़े नुकसान से बचाया
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा, जालंधर की फर्म के मालिक को GST विभाग ने किया गिरफ्तार, ₹8.35 करोड़ की फर्जी ITC ट्रांसफर रोककर सरकारी खजाने को बड़े नुकसान से बचाया
खबर खास । चंडीगढ़
पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने गुरुवार को बताया कि राज्य GST विभाग ने जालंधर स्थित एक फर्म के मालिक को ₹55.35 करोड़ के कथित फर्जी बिलिंग रैकेट के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से लगभग ₹8.35 करोड़ की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के अवैध हस्तांतरण को रोका गया, जिससे राज्य के राजस्व को होने वाले बड़े नुकसान से बचाया जा सका।
मंत्री ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर की गई इस कार्रवाई में फर्जी ITC का इस्तेमाल कर निर्यात के नाम पर गलत तरीके से इंटीग्रेटेड GST (IGST) रिफंड लेने की साजिश को विफल किया गया।
चीमा के अनुसार, जालंधर की M/s Ramsons Corporation (GSTIN: 03BFDPB3574F1ZZ) के मालिक भूपिंदर शर्मा को पंजाब GST अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि फर्म ने बिना किसी वास्तविक माल की आपूर्ति किए GST चालान जारी किए, जिनके आधार पर फर्जी ITC का लाभ लिया गया।
जांच में पता चला कि कंपनी ने करीब ₹55.35 करोड़ के फर्जी बिल जारी किए, जिसके जरिए लगभग ₹8.35 करोड़ की फर्जी ITC का गलत तरीके से लाभ उठाया गया और उसे अन्य कंपनियों को ट्रांसफर किया गया। आरोप है कि इस फर्जी ITC का इस्तेमाल कुछ विनिर्माण इकाइयों ने निर्यात पर IGST रिफंड प्राप्त करने के लिए किया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा।
राज्य कर विभाग की विशेष टीम ने जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर 9 जुलाई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार किया। मंत्री ने कहा कि इस मामले में दर्ज अपराध पंजाब GST अधिनियम के तहत संज्ञेय (Cognizable) और गैर-जमानती (Non-Bailable) हैं।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है। विभाग फर्जी ITC के सभी लाभार्थियों की पहचान, धन के प्रवाह का पता लगाने, कुल कर चोरी का आकलन करने और पूरे नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
हरपाल सिंह चीमा ने दोहराया कि पंजाब सरकार कर चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि फर्जी इनवॉइस, फर्जी ITC दावों और कर चोरी में शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अवैध कार्य न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि ईमानदार करदाताओं के लिए भी अनुचित प्रतिस्पर्धा का माहौल पैदा करते हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य कर विभाग को खुफिया-आधारित अभियान, उन्नत डेटा एनालिटिक्स और समन्वित जांच के जरिए पूरे राज्य में कर चोरी और फर्जी ITC नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
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