उन्होंने विशेष रूप से ग्राम पंचायतों, शहरी निकायों और विभिन्न सरकारी विभागों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया, ताकि लोगों को पोलियो (सिरिंग या वैक्सीन) से बचाव के लिए इस टीके के लाभ, इसके किसी भी हानिकारक प्रभाव के न होने तथा 14 से 15 वर्ष की सभी बालिकाओं को इसकी निशुल्क उपलब्धता के बारे में सही जानकारी मिल सके।