सीबीआई अधिकारी बनकर ठगों ने 15 दिनों तक बुजुर्ग दंपति को डराया-धमकाया, बचत राशि, उधार लिए पैसे और सोना बिकवाकर ₹2.15 करोड़ हड़प लिए
सीबीआई अधिकारी बनकर ठगों ने 15 दिनों तक बुजुर्ग दंपति को डराया-धमकाया, बचत राशि, उधार लिए पैसे और सोना बिकवाकर ₹2.15 करोड़ हड़प लिए
खबर खास | चंडीगढ़
चंडीगढ़ के सेक्टर-47 में रहने वाले एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी और उनकी पत्नी साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें करीब 15 दिनों तक मानसिक दबाव में रखकर ₹2.15 करोड़ से अधिक की रकम ठग ली।
आरोप है कि साइबर अपराधियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर दंपति को गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित का बैंक खाता मादक पदार्थों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।
साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग व्यक्ति को एक फोन कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई स्थित सीबीआई अधिकारी बताया। उसने कहा कि पीड़ित का बैंक खाता गंभीर अपराधों में इस्तेमाल हुआ है और इसके चलते उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तथा गिरफ्तारी हो सकती है।
ठगों ने दंपति को निर्देश दिया कि वे इस तथाकथित जांच की जानकारी अपने रिश्तेदारों, दोस्तों या पड़ोसियों को न दें। यदि उन्होंने किसी को बताया तो तत्काल कानूनी कार्रवाई की धमकी दी गई। इससे दंपति भयभीत हो गए और पूरी तरह अलग-थलग पड़ गए।
कानूनी परेशानी से बचाने का झांसा देकर ठगों ने दंपति को आरटीजीएस और अन्य बैंकिंग माध्यमों से बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए राजी कर लिया। अपनी पूरी जमा-पूंजी खत्म होने के बाद भी दंपति ने रिश्तेदारों से उधार लेकर वह रकम भी ठगों द्वारा बताए गए खातों में जमा करा दी।
जब पैसे समाप्त हो गए तो आरोपियों ने दंपति को अपने सोने के आभूषण बेचने और उससे प्राप्त राशि भी ट्रांसफर करने के लिए मना लिया। महज 15 दिनों के भीतर पीड़ितों ने ₹2.15 करोड़ से अधिक की रकम साइबर ठगों के खातों में भेज दी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब साइबर अपराधियों ने दंपति पर घर के दस्तावेज गिरवी रखकर बैंक से ऋण लेने और और अधिक पैसे भेजने का दबाव बनाना शुरू किया। अपनी बचत और सोना पहले ही गंवा चुके दंपति ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद ठगों ने उनसे संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया।
जब दंपति को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी दी और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों तथा डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।
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