21 से 23 जनवरी तक नई दिल्ली में होगा भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं चुनाव प्रबंधन सम्मेलन (IICDEM)
21 से 23 जनवरी तक नई दिल्ली में होगा भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं चुनाव प्रबंधन सम्मेलन (IICDEM)
खबर खास, चंडीगढ़ :
भारत ने वर्ष 2026 के लिए इंटरनेशनल IDEA (इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंट) के सदस्य देशों की परिषद की एक वर्ष के लिए अध्यक्षता संभाल ली है। इस परिषद की अध्यक्षता भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार करेंगे।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने आज यहां अपने कार्यालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया कि लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर केंद्रित तीन दिवसीय भारत अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (IICDEM) का आयोजन 21 से 23 जनवरी तक भारत मंडपम नई दिल्ली में किया जा रहा है। इस सम्मेलन को इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) का सहयोग प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल IDEA की स्थापना वर्ष 1995 में हुई थी, जिसके 35 संस्थापक देशों में भारत भी शामिल है। इस संस्था का मुख्यालय स्वीडन के स्टॉकहोम शहर में स्थित है।
ए. श्रीनिवास ने बताया कि सम्मेलन का विषय “समावेशी, शांतिपूर्ण, लचीले और टिकाऊ विश्व के लिए लोकतंत्र” है, जो भारत के प्राचीन दर्शन “वसुधैव कुटुंबकम”—अर्थात “पूरी दुनिया एक परिवार है”—के अनुरूप है। यह विषय भारत के समावेशी, लचीले और सतत विकास के दृष्टिकोण को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन लोकतांत्रिक एवं चुनावी नवाचारों के साझा अनुभव, सह-निर्माण और सामूहिक अंतर्राष्ट्रीय नेतृत्व को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। सम्मेलन के दौरान चुनाव प्रबंधन निकायों के समक्ष आने वाली वैश्विक चुनौतियों पर साझा दृष्टिकोण विकसित किया जाएगा तथा चुनाव प्रबंधन से जुड़े मॉडल मानकों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन की विषयगत प्राथमिकताएं भारत की अध्यक्षता की प्राथमिकताओं से प्रेरित होंगी, जिन्हें दो आपस में जुड़े स्तंभों—भविष्य के लिए लोकतंत्र की पुनर्कल्पना और स्थायी लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र एवं पेशेवर चुनाव प्रबंधन निकाय—के अंतर्गत रखा गया है।
इस तीन दिवसीय सम्मेलन में चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुख, चुनाव विशेषज्ञ, प्रैक्टिशनर और शिक्षाविद चुनाव प्रबंधन के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करेंगे। इनमें कानूनी ढांचा, मतदाता पंजीकरण, राजनीतिक सहभागिता, चुनाव प्रचार का विनियमन, मतदान एवं मतगणना तथा चुनावी प्रौद्योगिकी जैसे विषय शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, गलत सूचना, जोखिम प्रबंधन, स्थिरता और लोकतांत्रिक समावेशन जैसे उभरते मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
सम्मेलन में विश्व के 40 से अधिक चुनाव प्रबंधन निकायों तथा भारत में अपने मिशनों के माध्यम से 30 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसमें लगभग 500 राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिनमें चुनाव प्रबंधन निकायों के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिकारी, चुनावी विशेषज्ञ, प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और संस्थानों के शिक्षाविद शामिल हैं। आईआईटी, आईआईएम, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों सहित कानून, प्रौद्योगिकी, प्रबंधन और संचार क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भी सम्मेलन का हिस्सा होंगे।
ए. श्रीनिवास ने बताया कि सम्मेलन के दौरान 35 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को विभिन्न विषयों पर चर्चा की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनके निष्कर्ष और अनुभव अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किए जाएंगे। हरियाणा को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) एवं पोस्टल बैलेट सहित बैलेटिंग प्रक्रिया का विषय सौंपा गया है। संबंधित देशों की बैलेटिंग प्रक्रिया का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। हरियाणा द्वारा अपनी प्रस्तुति 22 जनवरी 2026 को सायं 4 बजे भारत मंडपम के एमआर-7 सभागार में दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशानुसार हरियाणा का प्रतिनिधित्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी करेंगे। इसके साथ ही महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के प्रबंधन संकाय की प्रोफेसर डॉ. निधि, आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. सुबोध विष्णु शर्मा, विधि विशेषज्ञ तथा मीडिया प्रतिनिधि भी हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे।
मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री ए. श्रीनिवास ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशानुसार हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष सघन पुनर्निरीक्षण को लेकर पूर्व तैयारियां की जा रही हैं। मार्च-अप्रैल में आयोग द्वारा इसे पूर्ण करने के आदेश जारी किए जा सकते हैं। बूथ लेवल अधिकारी (BLO) परिवार के सदस्यों के साथ मैपिंग का कार्य कर रहे हैं, जिसमें अब तक 58.18 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में हरियाणा में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 2,07,47,275 थी, जिनमें से 1,20,70,496 मतदाताओं की मैपिंग पूर्ण की जा चुकी है। इस कार्य में 20,629 बीएलओ घर-घर जाकर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। पहले चरण में फरीदाबाद, पंचकूला और गुरुग्राम जिलों के बीएलओ के लिए शीघ्र ही प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
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